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जेरमयाह 50

50
बाबेल देशे बारै बिधातो समाद
1 # ईशा. 13:1—14:23; 47:1-15 बाबेल देशे नगरी अर तिन्‍नें लोगे बारै बोलअ बिधाता आपणैं गूर मुंह जेरमयाह का, 2“देशा-देशा का खोज़ इहअ,
‘फ्रहरअ करा खल़अ, संघा खोज़ा खबर!
किछ़ै छ़पाअ निं करी!
इहअ खोज़ा कि बाबेल देशा दी हणअ कबज़अ!
बेल देअ मुंह फिरअ शरमैं काल़अ।
मारदूक देअआ छ़ुटअ डरै दर्छ़णअ!
बाबेल देशे सोभी देअए मुहुर्ती हुई बेइज़त,
तिन्‍नैं मणछै बणाईं दी तिंयां मुहुर्ती हुई नड़क्‍क!
3उतर देशा बाखा पल़अ एक देश तिन्‍नां लै चुटी,
तेऊ देशा करनअ बाबेल देश पठ बरैबाद।
सह करनअ इहअ उज़र अर शुन्‍नअ कि कै मणछ कै पशू,
सोभ ठुर्हनै तेता का दूर अर तेथ निं कोह रहणअ।’”
इज़राईली फिरनैं बापस
4बिधाता बोला इहअ, “ज़ेभै ईंयां धैल़ै एछणैं, तेभै लागणै इज़राईल अर यहूदा मुल्खे परज़ा लेरा लांदी मुंह तिन्‍नें परमेशरा लोल़ै भाल़ै। 5तिंयां फिरनैं सियोन बाखा संघा लागणै सियोन एछणा लै बाता पुछ़दै। आप्पू मांझ़ै करनी तिन्‍नां एही गल्‍ला, ‘च़ाल्‍ला, हाम्हां करनअ बिधाता संघै मेल़-ज़ोल़, हाम्हां करनी बिधाता संघै एही करार कि सह निं तेखअ हाम्हां कधि बिस्सर्नी। तेथ रहणअ हाम्हां सदा पाक्‍कै टेक्‍की।’
6“मेरी परज़ा आसा एही भेडा ज़ुंण तिन्‍नें फुआलै उझै धारा बणैं कबाता डाही पाई। सह हेल़्ह आसा धारठी अर धारा-धारा हांढदी लागी दी, तिंयां आसा घअरा बाखा एछणें बात बिस्सरी मुक्‍की दी कि तिन्‍नें बशैघ करने ज़ैगा किधी आसा।#मोत्त. 10:6 7ज़हा बी तिंयां भेटी, तिंयां पल़ै तिन्‍नां लै चुटी संघा खाई तिंयां! तिन्‍नें दुशमण बोला इहअ, ‘एथ निं म्हारअ किछ़ कशूर आथी, इनै किअ तेऊ बिधाता लै पाप ज़सरै आसरै इनै दाद-बाब रहा तै, इना लागा ती आप्पै सोर करनी कि इने शरण लणें ज़ैगा आसा सह ई।’
8“यहूदा मुल्खे लोगो, बाबेल देशे लोगा मांझ़ा का ठुर्हा पोर्ही! बाबेल देशा छ़ाडा! तम्हैं हआ हेल़्ही मांझ़ै तिन्‍नां बाकरै ज़िहै ज़ुंण सोभी का आजू हांढा!#प्रका. 18:4 9मंऐं लाऐ बलबान-बलबान देश बाबेल देशा संघै मकाबलै लै कठा ज़ोल़ी। तिंयां पल़णै उतर दिशा बाखा बाबेल देशा लै चुटी। तिन्‍नां गोटणअ बाबेल देश फेरा-फेर संघा करनअ तेथ कबज़अ। तिंयां आसा सज़ाण शकारी ज़िहै, तिंयां आसा कतीरा आल़ै पाक्‍कै नशाणची। 10बाबेल देशे धन-माया लुटणीं पठी। ज़ुंण तिन्‍नां लुटदै एछणैं, तिन्‍नां निंणअ ज़िहअ तिन्‍नों दिल बोला तिहअ लुटी। अह गल्‍ल डाही मंऐं बिधाता बोली।”
बाबेल देशे बरैबादी
11बिधाता बोला इहअ, “बाबेल देशे लोगो, तम्हैं खाअ मेरअ देश पठी। तम्हैं आसा तेता करै खुश हुऐ दै, तम्हैं आसा घाह जैंदरी होछ़ी बाछ़ी ज़िहै पटिक्‍कल़ै दैंदै लागै दै अर घोल़ै ज़ेही हिन्‍नन लाई दी। 12एता पिछ़ू पल़णअ थारी ज़ैगा शर्मिंदै हणअ। थारै हणीं सारै देशे बेइज़ती। सह हणअ सोभी देशा मांझ़ै होछ़अ देश। थारै देशे ज़ैगा हणीं शुक्‍की उज़र रेगीस्तान। 13मेरै रोश्शै हणीं एऊ देशे ज़ैगा मणछा बाझ़ी पठ शुन्‍नीं अर उज़र, ज़ेथ कोह निं बस्सदअ। तेस्सी बाती हांढदै-फिरदै हणैं तेता भाल़ी हक्‍कै-बक्‍कै अर रहैन। तिंयां लागणै बाबेल देशे ज़खमा भाल़ी हास्सदै अर सुहांगा करदै।
14“कतीरा बाहणैं आल़ैओ! बाबेल देशा फेर-फिरदै खल़्हिया जुधा लै। संघा बाहा बाबेल देशा लै कतीरै! ज़ाथी निं एक कतीर बी पिछ़ू एही छ़ाडी। किल्हैकि तेऊ देशे मणछै किअ मुंह बिधाता लै पाप। 15बाबेल देशे नगरी छ़ेल़ा फेरा-फेर जुध! ऐबै छ़ुटी बाबेल देशा का छ़ाड़। तिन्‍नें नगरीए उछ़टै कोट अर गहल़ पाऐ ढोल़ी। हुंह आसा बाबेल देशा का बदल़ै लंदअ लागअ द। तम्हैं बी काढा तिन्‍नां लै आपणअ बदल़अ। तिन्‍नां लै करा तिहअ ई ज़िहअ तिन्‍नैं होरी लै किअ।#प्रका. 18:6 16बाबेल देशै निं इहै कोही छ़ाडी ज़ुंण बाही-बऊई सके। नां तेथ कहा साल-फसल दाची करै लऊंणै अर झाल़णैं आल़अ छ़ाडी। ज़ेतरै बी तेथ परदेसी आसा, तिंयां लोल़ी जुधा दी दुशमणे तलबारा करै मरनै का डरै अर आपणैं-आपणैं देशा लै बापस ठुर्है।”
इज़राईली फिरनैं बापस
17बिधाता बोला इहअ, “इज़राईल आसा भेडा-बाकरीए एही हेल़्ही ज़िहअ ज़ुंण सिहै दरल़ाऊई दी अर दूर-दूर तैणीं आसा छिंघुई दी। पैहलै खाऐ तिंयां अश्शूरी राज़ै अर ऐबै च़ाबै बाबेल देशे राज़ै नबूकदनेसरै तिन्‍नें हाडकै बी।”
18तैही बोला स्वर्गे सारी सैनो मालक बिधाता इज़राईलो परमेशर,
“ज़ेही मंऐं अश्शूरी राज़ै लै सज़ा दैनी ती,
तेही ई दैणीं मुंह बाबेल देशे राज़ै अर तेऊए ज़ैगा लै सज़ा।
19इज़राईली पजैल़णैं मुंह तिन्‍नें आपणीं ज़ैगा बापस,
तिंयां धाचणै मुंह कर्मेल धारा अर बाशान मुल्खै भिई।
तिन्‍नां भेटणअ एप्रैम अर गलाद मुल्खै रज्ज़ी खाणां लै।
20ज़ेभै अह बगत एछणअ, तिन्‍नां धैल़ै लागणै लोग इज़राईल अर
यहूदा दी पाप लोल़ै पर तिन्‍नां निं धख ज़ेही खोट बी भेटणीं,
किल्हैकि ज़ुंण मुंह बच़ाऊंणै तिन्‍नें करनै मुंह पाप बी माफ।
अह गल्‍ल डाही मंऐं बिधाता बोली।”
बाबेल देशा लै परमेशरो नसाफ
21बिधाता बोला इहअ, “मरातैम अर पकोद नगरी लै पल़ चुटी, तिन्‍नां करा पठ मारी खतम। ज़िहअ मंऐं हुकम किअ तिहअ ई कर, अह गल्‍ल बोली मंऐं बिधाता। 22तेऊ देशै शुण्हुंअ जुधो हाल्‍लअ-गोल्‍लअ, सह सारअ देश हुअ बरैबाद। 23बाबेल देशै ज़ाक्‍करै सारै संसारे देश ज़िहै घणा करै, ऐबै शोटअ सह घण ई धरनीं! सोभ देश हुऐ बाबेल देशे दशा भाल़ी हक्‍कै-बक्‍कै। 24बाबेल, तूह फिरअ मुंह संघै मकाबलै करदअ, पर ऐबै शाचअ तूह मेरी तैहा खल़ाक्‍की दी ज़ुंण मंऐं ताल्है ती ढोही डाही दी अर ज़ेतो ताखा थोघ ई निं आथी त। 25मंऐं घुआल़अ ऐबै आपणअ सह भढार ज़ेथ मंऐं आपणैं अस्त्र-शस्त्र तै डाहै दै। तिंयां काढै मंऐं रोश्शै बागा लै, किल्हैकि मुंह स्वर्गे सारी सैनो मालक बिधाता आसा बाबेल देशा लै काम करना लै। 26धरतीए बाढा का एछा संघा पल़ा फेरा-फेर चुटी, इने नाज़े भढार खोल्हा संघा लाआ रूल़! एऊ सारै देशा करा खतम, एथ निं ज़ाथी किछ़ बी छ़ाडी! 27इने बल्दा ज़ेही सारी सैना पाआ मारी! तिन्‍नां पाआ काटी! बाबेल देशे लोगा लै भाल़ा केही आफ़त पल़ी! तिन्‍नां लै सज़ा दैणैंओ बगत गअ पुजी!
28“ज़ुंण बाबेल देशा का बच़ी ठुर्है तिन्‍नें गल्‍ला शूणां, तिंयां आसा एरुशलेम पुजी इहअ खोज़दै लागै दै, ‘म्हारै परमेशर बिधाता लअ बाबेल देशा का तेतो बदल़अ ज़ुंण तिन्‍नें तेऊए भबना लै किअ त।’
29“कतीरा बाहणैं आल़ै लै बोला बाबेल देशा लै पल़ा चुटी। ज़ुंण कबाणा करै कतीरै बाही ज़ाणा तिन्‍नां सोभी छ़ाडा। नगरी गोटा फेरा-फेर तेता का निं कोह लोल़ी छ़ुटअ। ज़ुंण बी तिन्‍नैं किअ, तेतो लआ सारअ बदल़अ, तिन्‍नां संघै करा तिहअ ई ज़िहअ तिंयां होरी संघै करा। किल्हैकि तिंयां फिरै तै मुंह बिधाता लै शरेरै ज़ुंण इज़राईलो पबित्र परमेशर आसा।#प्रका. 18:6 30तैही पाणै तिन्‍नें ज़ुआन मणछ नगरीए बाता अर च़फै मारी, तिन्‍नें सारी सैना करनी एकी ई धैल़ै भितरी खतम। अह गल्‍ल डाही मंऐं बिधाता बोली।
31“बाबेल, तूह आसा घमंडा करै भर्हुअ द, तैही बोला हुंह स्वर्गे सारी सैनो मालक बिधाता, ‘हुंह निं ताह बाखा आथी!’ ताल्है सज़ा दैणैंओ बगत गअ पुजी। 32ताह शरेरै लागणीं ठोहल़ संघा बदल़णअ धरनीं अर ताह निं कुंण उझै च़कणै आल़अ भेटणअ। तेरी नगरी दी चैल़णीं मुंह आग अर ताह फेर करनी मुंह सोभ गल्‍ला खतम।”
33स्वर्गे सारी सैनो मालक बिधाता बोला इहअ, “इज़राईल अर यहूदा मुल्खे परज़ा शोटी हारी-मारी। तिन्‍नां डाहा सोभ गलाम बणाईं अर तेखअ निं तिंयां तिन्‍नां छ़ाडदै ई आथी। 34पर ज़ुंण तिन्‍नां बच़ाऊंणै आल़अ आसा, तेऊ आसा सोभी का खास्सअ ज़ोर। सह आसा हुंह अर मुंह नाअं आसा बिधाता ज़ुंण स्वर्गे सारी सैनो मालक आसा। तिन्‍नों मकदमअ लल़णअ मुंह आप्पै। मुंह दैणीं सारै संसारा लै शांती पर बाबेल देशा लै पाणीं मुंह आफ़त।”#18:8
35बिधाता बोला इहअ,
“बाबेल देशा लै एछणी मौत!
तेऊए लोग पाणै जुधा दी तलबारा करै मारी
तेऊए राज़ै, कार-करिंदै अर सलाहकार करनै खतम।
36तिन्‍नां मांझ़ै ज़ुंण गूर फिरा तिंयां बी पाणै तलबारा करै काटी,
किल्हैकि असली दी निं तिंयां गूर आथी ई!
बाबेल देशे सारी सैना बी पाणीं मारी!
तिन्‍नां लै भाल़ केही डरैऊंणी गल्‍ला हणीं!
37बाबेल देशे, घोल़ै अर रथा प्रैंदै शुंआर पाणै मारी,
तिन्‍नें सैना दी मोल दैई आणै दै सपाही लै बी एछणी मौत!
तिंयां हणैं पठ दुबल़ै अर
तिन्‍नें खज़ानै अर भढार लुटणैं पठी।
38तिन्‍नें देशै पल़णअ शुक्‍कअ सरग निं हणअ आथी!
तेता करै शुक्‍कणीं तिन्‍नें गाडा-नाल़ी पठ
किल्हैकि तिन्‍नें सारै देशे ज़ैगा आसा मुहुर्ती करै भरी
ज़ेता करै सोभ मणछ बेगरै किऐ।#प्रका. 16:12
39तैही बस्सणै तेथ बणें ज़ीब, शैल़ी-शैल़ठै,
बणें मुर्गै, हुहल़ू ज़ुंण शुक्‍की ज़ैगा बस्सा।
तेखअ निं तेथ लोग कधि भिई बस्सणै।
अह ज़ैगा रहणीं तेखअ जुगै-जुगै तैणीं एही ई।#प्रका. 18:2
40बाबेल देशे दशा हणीं तेही ई ज़ेही
दशा सदोम अर अमोरा नगरीए हुऐ ती,
मंऐं किई तिंयां नगरी अर
तेता ओरी-पोरी देश-गराअं सोभ खतम
तधा बाद निं आझ़ तैणीं तेथ कोह मणछ बस्सअ
बाबेल देशा लै बी हणअ इहअ ई, अह गल्‍ल डाही मंऐं बिधाता बोली।#मूल. 19:24,25
41भाल़ा! एक सैना आई उतर दिशा बाखा।
मंऐं आणै दूरा का बडै-बडै देश अर कई राज़ै
बाबेल देशा संघै जुधा लै।
42तिंयां आऐ आपणैं कतीर-कबाण अर तलबारा पाई,
तिंयां आसा नर्दैई अर तिंयां निं धख बी झींण करदै।
तिंयां शुण्हिंआं क्रुंगदै समुंदरा ज़िहै,
ज़ांऊं तिंयां घोल़ै प्रैंदै शुंआर हई एछा।
तिंयां एछणैं बाबेल देशा संघै जुधा लै।
43तिन्‍नें खबर शूणीं पल़ै बाबेल देशे राज़ेए हाथ-खूर ठांढै!
तेऊ उझ़ुऐ भितरी इहै शूल़ ज़िहै सूंणें
दाह लागी दी बेटल़ी उझ़िआ।
44“शूणां! ज़िहअ सिह जरदण नदीए बाढै लाम्मै-लाम्मै घणैं घाह जैंदरा का उझै घाहे घैहणीं लै निखल़ा, तिहअ ई एछणअ हुंह बिधाता, बाबेल देशे लोग ठुर्हनै हेरा-हेरी तिन्‍नें नगरी छ़ाडी दूर। तेखअ करनअ तेऊ देशै तेऊ राज़ ज़ुंण मंऐं आप्पै हणअ छ़ांटअ द। मुंह ज़िहअ कुंण आसा? मेरअ मकाबलअ कुंण सका करी? इहअ कुंण राज़अ आसा ज़ुंण मेरअ बरोध सका करी? 45ऐबै शूणां मेरी कि मंऐं बाबेल देशा लै किज़ै आसा डाहअ द सोठी अर हुंह बाबेल देशे लोगा लै किज़ै च़ाहा करनअ। तिन्‍नें लान्हैं-शोहरू बी घिशणै हेल़्ही मांझ़ा का भेडा-बाकरी ज़िहै अर सोभ हणैं डरै दै। 46ज़ेभै बाबेल देश ढूल़णअ, तेभै हणीं सारी धरती दी ज़ाज़री, तिन्‍नें लैल़ा-पकारा शुण्हनी होरी देशा का बी।”

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