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लुआह 37

37
किक्‍करे काठो बणाअं करारो मणशू
(लुआह 25:10-22)
1तेखअ बणाअं बसलेलै किक्‍करे काठो ढाई हाथ लाम्मअ, डेढ हाथ बिरलअ अर डेढ हाथ उछ़टअ मणशू। 2संघा महल़अ सह मणशू बागा-भितरा का च़ोखै सुन्‍नैं करै, तेता फेर लाई सुन्‍नें काणस। 3तेते च़ऊ पाऊआ दी लाऐ सुन्‍नें कल़ोलै दूई-दूई दोहरी कुछी। 4तेखअ बणाईं तेता च़कणा लै किक्‍करे काठे लोहल़ी अर तिंयां बी महल़ी सुन्‍नैं करै, 5तेखअ लाई तिंयां लोहल़ी मणशूए दोहरी कुछी लागै दै तिन्‍नां कल़ोलै दी ताकि तेऊ मणशू तेता करै च़की सके।
6तेखअ बणाअं मणशू प्रैंदा लै च़ोखै सुन्‍नैं करै महल़अ द डेढ हाथ बिरलअ अर ढाई हाथ लाम्मअ ढक्‍कण#37:6 ढक्‍कण आसन, तेता लै बोला पापो प्राश्त करनैओ ढक्‍कण। 7-9संघा बणाऐं तेऊ प्राश्ते ढक्‍कणे दोहरै पुंझ़ै सुन्‍नअ गल़ाऊई-ढल़ाऊई करै दूई करूब नाओंए फैंखा आल़ै स्वर्ग दूत। तिन्‍नें मोहरै बणाऐं एकी-दुजै बाखा स्मुखै अर तिन्‍नें फैंख बणाऐं इहै फुआरुऐ दै कि तिन्‍नें फैंखा करै आसा सह पापे प्राश्त करनैओ ढक्‍कण ढोपअ द।
पबित्र रोटी डाहणां लै पलग
(लुआह 25:23-30)
10तेखअ बणाअं बसलेलै किक्‍करे काठा करै दूई हाथ लाम्मअ, एक हाथ बिरलअ अर डेढ हाथ उछ़टअ पलग। 11-12संघा महल़अ सह सारअ पलग तेऊ च़ोखै सुन्‍नैं करै संघा लाई प्रैंदै फेर फिरदी च़ार आंगल़ बिरली सुन्‍नें काणस तेखअ लाअ तैहा काणसा फेर-फिरदअ सुन्‍नेंओ डोर। 13तेखअ बणाऐं तेऊ पलगा लै बी सुन्‍नें च़ार कल़ोलै संघा लाऐ पलगे दोहरी कुछी च़ऊ पाऊआ दी। 14तिंयां कल़ोलै लाऐ काणसा हेठै, संघा लाई तिन्‍नां कल़ोलै दी किक्‍करे काठा करै बणाईं दी लोहल़ी ताकि तेऊ पलगा तेता करै कान्हा च़की सके। 15तेऊ पलगा च़कणा लै किक्‍करे काठा करै बणाईं दी लोहल़ी महल़ी च़ोखै सुन्‍नैं करै। 16ज़ुंण समान पलगा प्रैंदै लोल़ी, सह बी बणाअं तेऊ सारअ च़ोखै सुन्‍नेंओ, मतलब डबरी, झ़ारी, धनैरअ, कल़छ़ै, प्रिहै।
सदीअ
(लुआह 25:31-40)
17तेखअ बणाअं बसलेलै च़ोखै सुन्‍नैं करै सदीअ। सह सारअ सदीअ बणाअं तेते फूल अर डोडी संघी सुन्‍नें एकी फाल़ी गल़ाऊई-ढल़ाऊई करै कपींड। 18तेऊ सदीऐ दी बणाईं दोहरी बाखा चअन-चअन डिंढी। 19सदीऐ दी लागी दी तिन्‍नां सोभी छ़हा डिंढी दी लाऐ बदामे फूला ज़िहै चअन-चअन फूल तेते डोडी अर पाची संघी। 20सदीए मांझ़लै डिंढै दी बणाऐं च़ार फूल तेते डोडी अर पाची संघी। 21मांझ़लै डिंढै, ज़िधा का तिंयां छ़ह डिंढी आसा लागी दी, तिधी बी बणाईं दूई-दूई डिंढीए गोधै एक-एक डोडी। 22सदीअ, तेते डिंढी, फूल अर डोडी संघी बणाअं सह च़ोखै सुन्‍नें एकी ई फाल़ी गल़ाऊई-ढल़ाऊई करै कपींड। 23-24दिऊए बाती काटणें कात अर सदीऐ हेठे थाल़ बी बणाईं च़ोखै सुन्‍नैं करै। सदीअ अर तेते सोभै च़िज़ा बणी पैंईंती किलू च़ोखै सुन्‍नैं करै।
धूपा दैणें बेदी
(लुआह 30:1-5)
25तेखअ बणाईं बसलेलै किक्‍करे काठा करै एक हाथ लाम्मी-बिरली च़कोर धूपा दैणें बेदी, सह बणाईं दूई हाथ उछ़टी अर तेऊ ई काठा का काढै तेते च़ऊ कूणैं दी बाछ़ू ज़िहै शींग। 26संघा महल़ी सह बेदी तेते शींगा संघी च़ोखै सुन्‍नैं करै अर च़ऊ फेर लाई तेथ च़ोखै सुन्‍नें काणस। 27काणसा हेठै लाऐ बेदीए दोहरै पाल्‍लै दी च़ोखै सुन्‍नें दूई कल़ोलै ताकि तेथ लोहल़ी पाई बेदी च़की सके। 28तेते लोहल़ी बी बणाईं किक्‍करे काठा करै संघा महल़ी तिंयां सुन्‍नैं करै।
अभिषेक करना लै तेल
(लुआह 30:22-38)
29तेखअ बणाअं तेऊ खुशबूदार च़िज़ा राल़ी करै धूप अर अभिषेक करना लै पबित्र तेल।#लुआ. 30:22-38

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