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2 राज़ै 18

18
यहूदा मुल्खै राज़अ हिजकिया
(2 इतिहास 29:1,2; 31:1)
1एलो शोहरू होशे थिअ इज़राईल मुल्खै राज़अ, तेऊए राज़ा दी चिऊथी साला बणअ यहूदा मुल्खै अहाजो शोहरू हिजकिया राज़अ। 2ज़धू हिजकिया राज़अ बणअ, तधू ती तेऊए अमर पच्‍ची साले। तेऊ किअ एरुशलेम नगरी का उणत्ती साला तैणीं इज़राईला दी राज़। तेऊए ईजा नाअं त एबी अर सह थिई जकर्ये शोहरी। 3हिजकिया किअ आपणैं दाद-बाब दाबेदा ज़िहअ भलअ ज़ेता लै बिधाता खुश हआ। 4तेऊ पाऐ उझै धारा प्रैंदै पूज़ा करने गान-स्तान ढोल़ी, अशेरा देबीए काठ-पात्थरे डौंड अर ओडै पाऐ तेऊ फाल़ी। नहुशतान नाओंए ज़ुंण कांस्से दानअ मोसा गूरै बणाईं ती, सह बी पाई तेऊ चोल़ी। तेथ बी करा तै इज़राईली धूप ज़ाल़ी पूज़ा करदै डेऊई। 5राज़अ हिजकिया डाहा त इज़राईले परमेशर बिधाता दी भरोस्सअ। यहूदा मुल्खै निं तेऊ बराबर होर कोहै राज़अ आजू हुअ अर नां तेऊ का आजी कुंण तिहअ हुअ। 6सह रहअ बिधाता लै शुचअ-पाक्‍कअ अर तेऊ किअ तिहअ ई ज़िहअ बिधाता मोसा गूरा का खोज़ै दै बधाना दी हुकम आसा किऐ दै। 7बिधाता रहा त तेऊ संघै आप्पै, ज़िधा लै बी सह डेओआ त, तिधी करा त बिधाता तेऊ सफल। तेऊ किअ अश्शूर देशे राज़ै लै द्रोह संघा किअ आपणअ देश तेऊए गलामी का आज़ाद। 8हिजकिया किअ गाज़ा तैणीं पलिश्तीए कई नगरी कबज़अ, तेथ ज़िती तेऊ तिन्‍नें होछ़ी नगरी पोर्ही बडी-बडी गहल़ा आल़ी नगरी।
9हिजकिया गई ती यहूदा मुल्खै राज़अ बणी च़ौथी साल लागी, इज़राईल मुल्खै गई ती एले शोहरू होशा राज़अ बणी सातुई साल लागी। अश्शूर देशे राज़ै शालमनेसरै गोटी सामरी नगरी फेर-फिरदी। 10तिन्‍नैं डाही चिई साला तैणीं सामरी नगरी कैद करी अर च़ौथी साला हुई सामरी नगरीए हार ज़ांऊं हिजकिया राज़ै राज़ करदी छ़हुई साल लागी अर इज़राईले राज़ै होशा राज़ करदी नहुई साल लागी, अश्शूर देशै किअ सामरी नगरी दी कबज़अ। 11अश्शूर देशे राज़ै निंयैं इज़राईली अश्शूर देशा लै कैद करी संघा बसाऊऐ तिंयां हालाह नगरी अर कोई बसाऊऐ हाबोर मुल्खै गोजान गाडा नेल़ अर कोई बसाऊऐ मादी लोगे नगरी।
12सामरी नगरीए बरैबादी हुई इज़राईलीए बज़्हा किल्हैकि तिन्‍नैं निं बिधाते गल्‍ला मनी, नां तैहा करारा दी बणी रहै ज़ुंण तिन्‍नां संघै ती हुई दी अर नां तिन्‍नैं तेऊ बधाने साबै ज़िन्दगी ज़िऊई ज़ुंण बिधाता आपणैं गूर मोसा बाती दैनअ त। तिन्‍नैं नां शूणअ अर नां तेते साबै किअ।
अश्शूर देशै दैनी एरुशलेम नगरी लै धमकी
(2 इतिहास 32:1-19; ईशायाह 36:1-22)
13हिजकिया राज़े राज़ा दी च़ौदुई साला छ़ेल़अ अश्शूर देशे राज़ै सनहेरीबै यहूदा मुल्खे गहल़ा आल़ी नगरी संघै जुध संघा किअ तेथ कबज़अ। 14यहूदा मुल्खे राज़ै हिजकिया दैनअ अश्शूर देशे राज़ै लै लकीश नगरी समाद, “मंऐं मनी कि मेरै भलै हुई गलती, ज़ीबाण ऐबै छ़ाड तूह छ़ाड़, ज़ेतरअ तूह बोले, हुंह दैंऊं ताल्है तेतरअ कारअ।” तेखअ किई अश्शूर देशे राज़ै यहूदा मुल्खे राज़ै हिजकिया शौ कुंटल़ च़ंदीए अर दस कुंटल़ सुन्‍नें मांग। 15तेखअ ज़ेतरी बी च़ंदी राज़े मैहलै, बिधाते भबने भढारै थिई, सह झाल़ी हिजकिया पठी संघा दैनी अश्शूर देशे राज़ै लै। 16ज़ुंण बिधाते भबने दुआरे पाल्‍लै दी यहूदे राज़ै हिजकिया ज़ेतरअ सुन्‍नअ त महल़अ द, अर द्रींड ज़ुंण तेऊ आप्पै तै सुन्‍नैं करै महल़ै दै, सह सुन्‍नअ बझ़ैल़अ तेऊ छ़िल्‍ली करै ओर्ही काढणैं संघा दैनअ अश्शूर देशे राज़ै लै। 17तज़ी बी छ़ाडी अश्शूर देशे राज़ै लकीश नगरी का आपणीं खास्सी सैना एरुशलेम नगरी संघै जुधा लै। तैहा सैना दी थिऐ चअन सैनापति। ज़ांऊं तिंयां एरुशलेम नगरी पुजै, तिंयां खल़्हुऐ प्रैंधल़ै कुहै नेल़ धोबीए खेचा बाखे बाता।
18ज़ांऊं तिन्‍नैं हिजकिया राज़ै लै तिधा का हाक्‍का लाई, तेखअ आऐ हिजकिया राज़े कार-करिंदै मांझ़ै चअन ज़ण्हैं तिन्‍नां सेटा लै मिलदै। तिंयां थिऐ हिलकिया प्रोहतो शोहरू एलीकीम ज़हा का राज़ दरबार त सभाल़अ द, शेबना काईथ, असापो शोहरू जोआह ज़ुंण इतिहास लिखणैं आल़अ थिअ। 19तिन्‍नां मांझ़ै बोलअ अश्शूर देशे एकी सैनापति, “राज़ै हिजकिया का खोज़ा इहअ कि अश्शूर देशो माहा राज़अ पुछ़ा ताखा इहअ, ‘ताह कसरै आसरै हुई एही हिम्मत? 20तूह कै सोठा कि ताह किज़ै एही बिक्री सोठणीं कि सिधअ गल्‍ला ई गल्‍ला करै ज़ितणअ ताह जुध? तेरअ साथ कुंणी आसा लाअ द दैई? ताह मुल्है द्रोह करने हिम्मत आई किधा का? 21तूह कै सोठा कि मिसर देशा दैणअ तेरअ साथ? सह आसा जैंठुई दी नगाल़ै ज़िहअ ज़ुंण तैहा शोठिए आसरै हांढे, तेता करै पल़णीं हाथै बी झ़र्हा। ज़ुंण मिसर देशे माहा राज़ेए आसरै रहे, तेऊ संघै हणअ इहअ ई।
22“‘ज़ै तूह मुल्है इहअ बोले कि तूह आसा आपणैं परमेशर बिधाते आसरै! तेता लै आसा मेरी एही गल्‍ला कि अह आसा सह ई बिधाता ज़ुंण तंऐं हिजकिया ई नकदरअ किअ? तिंयां थिऐ बिधाते ई गान-स्तान अर बेदी ज़ुंण तंऐं खतम किई। तंऐं बोलअ यहूदा अर एरुशलेम देशे लोगा लै इहअ कि एरुशलेम नगरीए बेदी का सुआई निं होर्ती माथअ टेक्‍की आथी। 23ऐबै लाई मंऐं मेरै मालक अश्शूर देशे राज़ै बाखा ताह संघै शार्थ पाई, हुंह दैंऊं ताल्है दूई हज़ार घोल़ै ज़ै तूह तिन्‍नां प्रैंदै शुंआरी करनै आल़ै तेतरै मणछ लोल़ी सके! 24ज़ै तेरै भलै एतरअ बी निं हंदअ, तै निं तूह मेरै मालक अश्शूर देशे राज़े एकी होछ़ै ज़िहै सपाही संघै बी मकाबलअ करी सकदअ अर तूह आसा तेता लै मिसर देशे रथ अर घोल़े आसरै रहअ द! 25ऐहा गल्‍ला बी निं तूह बिस्सरी आथी कि ताह अर तेरै देशा बरैबाद करना लै आसा हाम्हां लै बिधाता ई ज़ाज़त दैनी दी!’”
26तेखअ बोलअ एलीकीम, शेबना अर जोआहै तेऊ सैनापति लै, “हाम्हां संघै करा तम्हैं अरामी बोली दी गल्‍ला, तेता हेरा हाम्हैं समझ़ी। यहूदी बोली दी निं गल्‍ला करा किल्हैकि नगरीए गहल़ै बेठै दै सोभ लोग आसा शूणैं लागै दै।”
27तेऊ सैनापति दैनअ ज़बाब, “तम्हैं कै सोठा कि हाम्हैं म्हारै मालकै सिधै तम्हां चिई अर राज़ै हिजकिया लै आसा बोल्दै छ़ाडै दै? माहा राज़ै आसा हुंह छ़ाडअ द कि इना सोभी का बी थोघ लागे ज़ुंण गहल़ा प्रैंदै आसा बेठै दै। ताकि तम्हां संघै तिन्‍नां बी आपणअ गूह-मूच खाणअ अर झुटणअ पल़े।”
28तेखअ लागअ सह सैनापति तिधी खल़्हुई करै यहूदी बोली दी ज़ोरै-ज़ोरै बोल्दअ कि सोभी का शुण्हिंए, “शूणां, माहा राज़अ, मतलब अश्शूर देशो राज़अ किज़ै बोला! 29सह च़ाहा इहअ कि तम्हैं निं हिजकिया ठगै लोल़ी। हिजकिया राज़े भलै निं थारी फाज़त हंदी। 30तम्हैं निं एऊए ऐहा गल्‍लो भरोस्सअ करी कि तम्हैं हेरनै अश्शूर देशे राज़ै का बिधाता बच़ाऊई। 31तम्हैं निं हिजकिया राज़े ज़ाणैं लागी। अश्शूरी माहा राज़ैओ आसा तम्हां लै इहअ हुकम कि नगरी का निखल़ा बागै संघा मना तेऊए गलामी। तै भेटणीं तम्हां आपणीं बागा का दाख खाणीं, आपणैं फेडूए बूटा का फल़ खाणैं अर आपणैं कुहै का थोल़ै धैल़ै तैणीं पाणीं झुटणअ। 32तेखअ निंणै तम्हैं माहा राज़ै इधा का होर्ता लै, सह देश बी हणअ थारै एऊ ई देशा ज़िहअ रज़दअ-पज़दअ। तिधी सका तम्हैं दाखे बाग लाई, आपणअ नाज़ पज़ेरी अर तेथ बी हणअ तम्हां का खास्सअ जैतूनो तेल अर मखीर। तम्हैं करा मेरी गल्‍लो भरोस्सअ कि तेथ निं तम्हां कधि नकाल़ पल़णअ। ऐबै निं तम्हैं हिजकिया राज़े ऐहा गल्‍ले आसरै रही कि तम्हैं हेरनै बिधाता बच़ाऊई।
33“होरी देशे देअऐ बी कै तिंयां अश्शूर देशे राज़ै का बच़ाऊऐ? ज़ाथी निं कोह बच़ै! 34ऐबै तिंयां हमात अर अर्पात नगरीए देअ किधी आसा? सपर्बैम, हिना अर इबा नगरीए देअ किधी लुक्‍कै? तिन्‍नां मांझ़ै एकी बी मुखा सामरी नगरी बच़ाऊई? ज़ाथी निं कोही! 35इना सोभी देशे देअआ मांझ़ै कुंण आसा ज़ुंणी आपणअ देश अश्शूर देशे माहा राज़ै का बच़ाऊअ? ज़ाथी निं कोह निखल़अ! तै तम्हैं कै सोठा कि थारै परमेशर बिधाता माहा राज़ै का एरुशलेम नगरी बच़ाऊई हेरनी?”
36लोग रहै च़ुपच़ाप शूणैं लागी, तिन्‍नैं निं बैण बी काढअ, तिन्‍नां लै त हिजकिया राज़ै इहअ ई खोज़ी डाहअ द कि किछ़ निं बोली। 37हिलकिया प्रोहतो शोहरू एलीकीम, शेबना काईथ अर असापो शोहरू इतिहास लिखणैं आल़अ जोआह हुऐ खास्सै दुखी अर तिन्‍नैं धेल़ै तेऊ दुखै आपणैं झिकल़ै संघा डेऊऐ तिधा का फिरी अर तिन्‍नैं खोज़ी हिजकिया राज़ै का पठी गल्‍ला ज़ुंण अश्शूर देशे सैनापति बोली ती।

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