1 शमूएल 2
2
हन्ना किई बिधाते स्तोती
1 #
लूक. 1:46-55
हन्ना किई बिधाता सेटा एही प्राथणां,
“हे बिधाता, तंऐं दैनी हुंह खुशी करै भरी,
हे बिधाता, तेरै एऊ कामां करै हुअ मेरअ अदर!
ऐबै सका हुंह बी आपणैं दुशमणा लै ज़बाब दैई
किल्हैकि मुंह हुई खास्सी खुशी कि तंऐं दैनअ मुल्है छ़ुटकारअ।
2ताह बिधाता सान पबित्र निं कोहै आथी,
ताह ज़िहअ निं होर कोहै आथी,
ताह म्हारै परमेशरा ज़ेही शरण दैणैं आल़अ निं कोहै आथी।
3हुंह सका तिन्नां घमंडी लोगा लै इहअ बोली,
‘बडी-बडी डिंगा मारने पाआ छ़ाड़,
बिधाता आसा परमेशर, तेऊ का निं किछ़ू गल्ले च़ोरी करी सकदै,
सह करा म्हारै सोभी कामां भाल़ी तेतो नसाफ।’
4हे बिधाता, तंऐं पाऐ बडै-बडै शूरबीरे कतीर-कबाण चोल़ी,
पर दुबल़ै आदमी करा तूह बलबान।
5ज़ुंण रज्ज़ै-पूज़ै दै थिऐ,
तिंयां लागै आपणैं पेटा धाचणा लै मज़दूरी करदै!
ज़ुंण भुखै थिऐ, तिन्नां दैनअ तंऐं रज्ज़ी खाणां लै।
बांढी बेटल़ी लै दैनै तंऐं सात शोहरू,
ज़सरै खास्सै शोहरू थिऐ तिंयां निं कोहै रहै।
6मारनै तारनै आल़अ तूह ई बिधाता
तूह पजैल़ा लोगा तिधी, ज़िधी मरी करै डेओआ
अर तेता का बापस बी आणा तिन्नां तूह ई।
7तूह बिधाता ई बणाआं कोई सेठ अर कोई मणछा गरीब,
तूह ई दैआ कोई मणछा लै बडी ज़ैगा बशैल़ी अदर
अर कोई करा नकदरै।
8तूह करा रैनै-गरीबा धूल़ै-माट्टै जैंदरा का बी खल़ै,
संघा दैआ तिन्नां लै सेठ अर बलबान लोगा संघै बशैल़ी अदर।
पृथूईए आथरी आसा तंऐं बिधाता पाई दी
अर तेथ प्रैंदै आसा तंऐं अह संसार बणाअं द।
9तूह करा आपणीं परज़े फाज़त,
पर कदुष्ट हणैं न्हैरै दी खतम,
किल्हैकि कोहै मणछ निं आपणैं ज़ोरै ज़िती सकदअ।
10ज़ुंण बिधाता संघै ज़ीद डाहा, तिंयां हणैं पठी खतम,
तेऊ क्रुंगणअ तिन्नां लै स्वर्गा का।
तेऊ करनअ सारै संसारो नसाफ,
बिधाता दैणअ तेऊ राज़ै लै बल अर ज़ीत
ज़ुंण तेऊ आप्पै आसा छ़ांटअ द।”
11तेखअ डेऊऐ एलकाना अर तेऊए लाल़ी हन्ना रामाह नगरी आपणैं घअरा लै बापस फिरी अर शमूएल रहअ शिलोह बिधाते च़ाकरी करदअ, एली प्रोहत डाहा त तेऊओ धैन-खैल।
एली प्रोहते शोहरू
12एली प्रोहते दुहै शोहरू तै बेघै कदुष्ट अर तिंयां निं बिधातो अदर ई करदै तै! 13प्रोहत करा तै इहअ कि ज़ेभै लोग मेल़-ज़ोल़े बल़ीदान किऐ दै पशूए शिखा सटेऊंदै हआ तै लागै दै, तेभै एछा त प्रोहतो दास, तेऊए हाथै हआ त चिई शल़ाहीओ एक कल़गैथू। ज़ांऊं शिखा सिटदी हआ ती लागी दी, 14सह दास पाआ त तेऊ कल़गैथू गोल़िऐ, हांडै, बल़ाही अर कनाल़ी भितरी, तेखअ ज़ेतरी शिखा तेऊ कल़गैथू दी शाचे सह हआ थिअ प्रोहतो भाग। ज़ुंण बी इज़राईली शिलोह मेल़-ज़ोल़े बल़ीदान करदै एछा तै तिन्नां सोभी का काढा तै प्रोहता लै भाग इहअ ई करै।
15पर तिंयां प्रोहते दास बोला तै एता का लाऊआ च़र्बी भुज़णै का आजी मेल़-ज़ोल़े बल़ीदान करनै आल़ै सेटा एछी, “धख शिखा दैआ प्रोहता लै भुज़णा लै, तेऊ निं थारी सटेऊई दी शिखा लोल़ी, तेऊ लै दैआ काच़ी शिखा।” 16पर ज़ै लोग तिन्नां लै इहअ बोला तै, “अज़ी दै हाम्हां च़र्बी भुज़ी लणें, तेखअ निंयैं ज़ेतरअ लोल़ी तेतरअ।” तिंयां बोला तै इहअ, “नां, एभी दै, कि लाअ मंऐं छ़ड़ैऊई करै निंईं।”#2:16 एली प्रोहते शोहरू तै इहअ काम करदै लागै दै ज़ुंण बधाना दी आथी निं त!#गण. 18:8-20; लेब. 1:8,9; 3:3-5
17एऊ साबै निं एली प्रोहते शोहरू बल़ीदानो अदर करदै तै ज़ुंण लोग बिधाता लै करा तै। अह त बिधाता लै घोर पाप अर एता करै आई बिधाता खास्सी रोश्शै।
शमूएले च़ाकरी
18पर शमूएल त अज़ी लान्हअ ई अर सह रहा त बिधाते च़ाकरी बाछो खास च़ोल़अ अर गाची बान्हीं लागी। 19ज़ेभै तेऊए ईज आपणैं लाल़ै संघै मेल़-ज़ोल़े बल़ीदान करदी शिलोह एछा ती सह आणा ती हर साल तेऊ लै एक च़ोल़अ बणाईं। 20एली प्रोहत दैआ त एलकाना अर तेऊए लाल़ी हन्ना लै बर्गत। तेऊ बोलअ एलकाना लै इहअ, “ज़ुंण अह शोहरू तंऐं बिधाता लै बांधअ दैनअ, बिधाता लोल़ी एऊए बदल़ै तेरी लाल़ी हन्ना का होर लुआद दैनी।”
तेखअ डेऊऐ तिंयां आपणैं घअरा लै फिरी। 21बिधाता दैनी हन्ना लै होर बी बर्गत अर तेसे हुऐ आजू चअन शोहरू अर दूई शोहरी होर। सह बडअ शोहरू शमूएल रहअ बिधाते पबित्र ज़ैगा च़ाकरी करदी ज़ुआन हंदअ लागी।
एली प्रोहत अर तेऊए शोहरू
22एली प्रोहत गअ त ऐबै प्रोढअ हई, तेऊ का खोज़ा तै होर लोग कि तेऊए शोहरू इज़राईली संघै किहअ बूरअ बभार करा! होर ता हुअ, तिंयां सुत्ता तै बिधाते मेल़-ज़ोल़े खिम्भे दुआरै च़ाकरी करनै आल़ी बेटल़ी संघै बी ज़ोरा-ज़ोरी! 23एली प्रोहतै बोलअ आपणैं तिन्नां शोहरू लै, “तम्हैं इहअ कदुष्ट काम किल्है करा? हुंह थक्कअ सोभी का थारी ऊआई शूणीं-शूणीं कि तम्हैं किज़ै-किज़ै कबध करा। 24मेरै शोहरूओ, ऐबै ता पाआ इहअ करने छ़ाड़! अह आसा बेघै च़िल़्हखरअ काम ज़ेते बारै बिधाते लोग खोज़दै आसा लागै दै कि तम्हैं लाअ इहअ करी! 25ज़ै एक मणछ दुजै मणछा लै पाप करे, हई सका कि परमेशर तेऊ गलती करनै आल़ै लै माफी छ़ाडे#2:25 माफी छ़ाडे इब्रानी दी निं एतो मतलब खास थोघ आथी, पर सह मणछ कहा बच़ाऊंणअ ज़ुंण पाप ई बिधाता लै करे?”
पर तिन्नैं निं आपणैं बाबा एलीए एक बी शूणीं, किल्हैकि बिधाता तै तिंयां ऐबै मारी लाऐ दै।
26शमूएल रहअ ज़ुआन हंदअ लागी, बिधाता बी त तेऊ लै खुश अर मणछ बी थिऐ तेऊ लै खुश।#लूक. 2:52
एली प्रोहता लै बिधातो समाद
27एकी बारी आअ एक गूर एली प्रोहते घअरा लै, संघा खोज़अ तेऊ का बिधातो समाद, “ज़धू तेरै दाद-बाब हारण अर तेऊए टबर मिसर देशे माहा राज़ेए गलाम थिऐ, तधू हुअ त हुंह तिन्नां सेटा प्रगट। 28इज़राईले सोभी गोत्रा मांझ़ै छ़ांटअ मंऐं हारण ई आप्पू लै प्रोहत कि मेरी बेदी च़ाकरी करे, मुल्है धूप ज़ाल़े, मुंह सेटा प्रोहते सदरी बान्हीं मुंह पुछ़े। मंऐं दैनअ तिन्नां लै हक कि ज़ुंण बल़ीदान अर हूम लोग मुल्है भैंट करा, सह हणअ तिन्नों भाग।#लुआ. 28:1-4; लेब. 7:35,36 29ऐबै लोग ज़ुंण मेल़-ज़ोल़ अर नाज़ बल़ीए मेरी ज़ैगा धाम दैआ, तेथ किल्है आसा थारी आछ लागी दी? एली, तूह किल्है करा मुखा खास्सअ आपणैं शोहरूओ अदर? तिंयां च़ाल्लै द मेरी इज़राईली परज़ा का राम्बल़अ-राम्बल़अ खाई रुभा ज़िहै मोठुई। 30ऐबै बोला हुंह इज़राईलो परमेशर बिधाता, मंऐं तै डाहै तै थारै खिंबे लोग सदा लै आपणैं प्रोहत बणाईं, ऐबै निं आजू हुंह तम्हां डाहंदअ! ऐबै करनअ मुंह तिन्नों अदर ज़ुंण मेरअ अदर करा अर ज़ुंण मुंह बृथा समझ़ा, तिंयां आसा मुल्है बी बृथा।
31“ऐबै शुण राम्बल़ै करै, ऐबै एछणअ तम्हां लै इहअ बगत कि मुंह पाणै तेरै खिंब अर तेरै टबरे मणछ खारकी अमरा मारी अर तम्हां मांझ़ै निं एक बी मणछ खास्सी प्रोढी अमरा तैणीं ज़िऊंणअ। 32तेरै खिंबा पल़णीं आफ़ता प्रैंदै आफ़त। च़ाऐ हुंह इज़राईला लै केतरअ बी खास्सअ झ़ूरूं, पर तेरै खिंबै जाणै सोभै खारकी अमरा मरी।
33“पर तज़ी बी डाहणैं मुंह तेरै खिंबा का आपणीं च़ाकरी लै कुंण नां कुंण ज़रूर, ज़ुंण मुंह प्रोहतच़ारी लै ज़िऊंदअ डाहणअ बी, सह हणअ लेरा लाई-लाई कांणअ अर सारी अमरा दुखी अर तेरै खिंबे बाकी मणछ जाणैं खारकी अमरा मरी। 34ज़ांऊं तेरै दूई शोहरू पिनहास अर हुपनी दुहै एकी धैल़ै मरनै, सह हणअ ऐहा गल्लो नछ़ैण कि ज़ुंण मंऐं गल्ला बोली तिंयां रहणीं हई।#1 शमू. 4:11
35“मुंह छ़ांटणअ आप्पू लै सह प्रोहत ज़ुंण मुल्है शुचअ-पाक्कअ होए अर सह ज़िहअ हुंह बोले सह तिहअ ई करे। मुंह बढेरनीं तेऊए आद-लुआद अर तिन्नां करनीं मेरै तेऊ राज़ै सेटा च़ाकरी ज़ुंण मुंह छ़ांटणअ। 36तेखअ हणअ इहअ कि ज़ुंण तेरै खिंबा का बच़ै दै होए, तिन्नां लागणै तिन्नां प्रोहता सेटा डेऊई आप्पू ज़िऊंणां लै ढब्बै अर रोटी मांगणी अर ज़ीबाण करी लागणअ तिन्नां आप्पू लै काम मांगणअ ताकि तिन्नां टुकरै-म्हार खाणां लै भेटे।”
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1 शमूएल 2: OSJ
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