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1 करिन्थी 5

5
विश्वासीए टोली दी कंज़री गल्‍ला
1मुखा खोज़अ कई लोगै थारै बारै इहअ कि तम्हां मांझ़ै आसा टोली दी कई लोग एही कंज़रैई दी पल़ै दै, कि इहअ निं तिंयां लोग बी करदै ज़हा का परमेशरो थोघ निं आथी कि शोहरू डाही आपणीं काकी ईज।#लेब. 18:8; बधा. 22:30
2तम्हां लोल़ी त एतो दुख अर शोग हुअ अर ज़ुंणी इहअ किअ सह लोल़ी त तम्हैं आप्पू मांझ़ा का बागै काढअ। पर तम्हैं करा ऐहा गल्‍लो घमंड।
3च़ाऐ हुंह तम्हां का खास्सअ दूर ई त, पर आत्मां दी ता आसा तम्हां संघै, अर ज़िहअ ज़ाण्हिंआं त कि इहै कामां करनै आल़ेए बारै आसा हेरअ द मंऐं अह हुकम दैई। 4तम्हैं करै इहअ कि सोभै विश्वासी भाई हऐ कठा, आद करी तम्हां का आसा म्हारै प्रभू ईशू मसीहे शगती। अह हणअ इहअ हुंह बी हणअ आत्मां दी तम्हां संघै। 5तेखअ ज़ुंण मणछ पापी सभाबे साबै बभार करा तेऊ काढै तम्हैं प्रभू ईशू मसीहे शगती करै टोली का बागै राख्से बशै हणां लै। हई सका सह आपणैं पापो प्राश्त करी परमेशरा सेटा फिरी एछे अर तैहा धैल़ी तेऊओ उद्धार होए ज़ेभै प्रभू ईशू फिरी एछणअ।
6थारअ इना गल्‍ले बारै घमंड करनअ निं ठीक आथी, तम्हां का कै इहअ निं थोघ आथी कि थोल़अ ज़िहअ सज़ेल़अ सका सारै मुछ़ै दै पिठै सज़ेल़अ बणाईं। 7ज़िहअ यहूदी ऊवार्णे थैरा का आजी सारअ सज़ेल़अ पोर्ही शोटा, तिहअ काढा तम्हैं बी इहै कंज़रै मणछा आप्पू मांझ़ा का बागै। तै हणैं तम्हैं आखरी रोटी ज़िहै। तम्हैं हणैं एही विश्वासीए टोली ज़ेथ ज़ाणीं भुझ़ी करै पाप करनै आल़अ कोहै निं होए, किल्हैकि तम्हैं आसा परमेशरै भितरा का पबित्र किऐ दै ज़धू तम्हैं मसीहा दी विश्वास किअ। मसीहा मूंअ म्हारै पापा का हाम्हां आज़ाद करना लै अर सह आसा यहूदी बल़ीदान किऐ दै मिम्मूं ज़िहअ ऊवार्णे थैरो भोज़। 8तैही बोला हुंह कि हाम्हां लागा सदा परमेशरे पबित्र लोगा ज़ेही ज़िन्दगी ज़िऊंणीं। हाम्हां निं तिहै बूरै साबै ज़िऊंणअ ज़िहै हाम्हैं मसीहा दी विश्वास करनै का पैहलै तै, तैही निं हाम्हां तिंयां बूरै अर पापी काम करनै लागदै ज़ुंण हाम्हैं करा तै। पर हाम्हां लागा परमेशरो हुकम शुणनअ अर म्हारै काम निं लोल़ी बूरै हुऐ, तैही लागा हाम्हां हर बगत मानदार, शुचै अर भरोस्सैमंद रहणअ।
9मंऐं आसा तम्हां लै आपणीं पिछ़ली च़िठी दी लिखअ द कि कंज़रैई करनै आल़ै मणछे साथ निं करी आथी। 10हुंह निं इहअ बोला कि तम्हैं एऊ संसारे कंज़रै, या मांण करनै आल़अ, या दुजै ठगणै आल़ै अर मुहुर्ती पूज़णै आल़ै मणछे संगती निं रही। ज़ै तम्हैं इहअ करे तै लागणअ तम्हां एऊ संसारा का निखल़णअ ई।
11पर मेरअ बोल़णैंओ मतलब आसा इहअ कि, ज़ै कुंण तम्हां मांझ़ै मसीहा दी विश्वासी भाई हई बी, कंज़रै, मांण करनै आल़ै, या मुहुर्ती पूज़णै आल़ै, आपणीं गल्‍ला करै बेइज़ती करनै आल़ै, शराबी, या बूरै करनै आल़ै होए, तिन्‍नें साथ निं करी आथी, इना इहै मणछ संघै निं रोटी बी खाई।
12किल्हैकि ज़ुंण विश्वास नांईं करदै तिन्‍नें फैंसलै करने ज़िम्मैंबारी निं म्हारी आथी। पर हाम्हां लागा तिंयां लोग नैरनै समझ़ाऊंणैं ज़ुंण म्हारी टोली दी साझ़ू आसा। 13पर ज़ुंण विश्वास नांईं करदै तिन्‍नों फैंसलअ करा परमेशर। पर पबित्र शास्त्र बोला इहअ,
“पाप करनै आल़ै मणछ निं लोल़ी थारी टोली दी साझ़ू हुऐ।”

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