नसीअता 24:33-34
नसीअता 24:33-34 BGH
एक ओर छोटी जी नींज, एक ओर टमका, थोड़ी जी देर छातिया पाँदे आथ राखी की लेटे रे रणा, तो जिंयाँ एक डाकु अमला करी की सब कुछ लूटी लओआ, ठीक तिंयाँ ई तां पाँदे अचाणक गरीबी आई जाणी।
एक ओर छोटी जी नींज, एक ओर टमका, थोड़ी जी देर छातिया पाँदे आथ राखी की लेटे रे रणा, तो जिंयाँ एक डाकु अमला करी की सब कुछ लूटी लओआ, ठीक तिंयाँ ई तां पाँदे अचाणक गरीबी आई जाणी।