YouVersion Logo
Search Icon

जकर्याह 2

2
माप की रेखा का दर्शन
1फेर मन्‍नै अपणी आँख ठाई तो के देख्या, के हाथ म्ह नाप्पण की डोरी ठाए होए एक जवान माणस सै। 2फेर मन्‍नै उसतै पूछ्या, “तू कित्त जावै सै?” उसनै मेरे तै जवाब दिया, “यरुशलेम नै नाप्पण जाऊँ सूं के देक्खूँ उसकी चौड़ाई कितनी, अर लम्बाई कितनी सै।”#2:2 प्रका. 21:15 3फेर मन्‍नै के देख्या, के जो दूत मेरे तै बात करै था वो चल्या गया, अर दूसरा दूत उसतै मिलण कै खात्तर आकै, 4पैहला सुर्गदूत दुसरे सुर्गदूत तै कहवै सै, “दौड़कै उस जवान तै कह, ‘यरुशलेम माणसां अर घरेलू पशुआं की भोत घणा होण कै कारण शहरपनाह के बाहर-बाहर भी बसैगा। 5अर यहोवा की या वाणी सै, के मै आप उसके च्यांरु और आग की तरियां शहरपनाह ठहरूँगा, अर उसके बीच म्ह तेजोमय होकै दिखाई देऊँगा।’”#2:5 निर्ग. 13:21-22; यशा. 4:5
सिय्योन अर सारे राष्ट्रां का आण आळा आनन्द
6यहोवा अपणे माणसां नै न्यू कहवै सै, “देक्खो, सुणो उत्तर के देश#2:6 बेबीलोन म्ह तै भाग जाओ, क्यूँके मन्‍नै थारे ताहीं अकास की च्यांरु हवा की तरियां आस्सै-पास्सै करया सै।” 7हे बाबेल जात्ति कै गैल रहण आळी, सिय्योन तै बचकै लिकड़ भाज! 8क्यूँके सेनाओं का यहोवा न्यू कहवै सै, उस तेज के प्रगट होण कै बाद उसनै मेरे ताहीं उन जात्तां के धोरै भेज्या सै जो थमनै लुट्टै थी, क्यूँके जो थमनै छुवै सै, वो मेरी आँख की पुतळी नै ए छुवै सै। 9देक्खो, मै अपणा हाथ उनपै ठाऊँगा जिननै तेरे ताहीं लूट्या सै, फेर वे उन्हे तै लूटे जावैंगे जो उनके दास होए थे। फेर थम जाणोगे के सेनाओं के यहोवा नै मेरे ताहीं भेज्या सै। 10यहोवा कहवै सै, “हे सिय्योन की बेट्टी, ऊँच्‍चे स्वर तै गा अर आनन्द कर#2:10 हे सिय्योन की बेट्टी, ऊँच्‍चे स्वर तै गा अर आनन्द कर यो आनन्द का त्यौहार सै जिस म्ह सिय्योन ताहीं आमन्त्रित करया गया सै इसके अलावा वो तीन बार और इस्से शब्द जरिये आमन्त्रित करया गया सै परमेसवर के नवीकृत उपस्थिति कै खात्तर।, क्यूँके देख, मै आकै तेरे बीच म्ह निवास करुँगा, यहोवा की याए वाणी सै।”#2:10 सप. 3:14 11उस बखत घणी सी जात यहोवा तै मिल जावैंगी, अर मेरी प्रजा हो जावैंगी; अर मै तेरे बिचाळै वास करुँगा, 12अर तू जाण लेगी के सेनाओं के यहोवा नै मेरे ताहीं तेरे धोरै भेज दिया सै। अर यहोवा यहूदा नै पवित्र देश म्ह अपणा हिस्सां कर लेगा, अर यरुशलेम नै फेर अपणा ठहरावैगा।
13“हे सब प्राणियों! यहोवा कै स्याम्ही चुप रहो; क्यूँके वो जाग कै अपणे पवित्र निवास-स्थान तै लिकड़या सै।”

Currently Selected:

जकर्याह 2: BGC

Highlight

Copy

Compare

Share

None

Want to have your highlights saved across all your devices? Sign up or sign in