YouVersion Logo
Search Icon

प्रकाशितवाक्य 11:4-5

प्रकाशितवाक्य 11:4-5 BGC

ये वेए जैतून के दो दरखत अर दो दीवट की तरियां सै, जो धरती कै प्रभु कै स्याम्ही खड़े रहवैं सै। अर जै कोए उननै नुकसान पोहचावै सै, तो उनकै मुँह तै आग लिकड़कै उनके बैरियाँ ताहीं भस्म करै सै, अर जै कोए उन ताहीं नुकसान पोहोचाणा चाहवैगा, तो जरुर इस्से ढाळ मारया जावैगा।

Free Reading Plans and Devotionals related to प्रकाशितवाक्य 11:4-5