भजन संहिता 2
2
बेट्टे का राज-तिलक
1जात्ति-जात्ति के माणस क्यूँ हुड़दंग मचावै सै,
अर देश-देश के माणस क्यूँ साजिस रचण लागरे सै?
2यहोवा अर उसके चुणे होये कै बिरुध्द धरती के राजा मिलकै,
अर हाकिम आप्पस म्ह साजिस रचकै, कहवै सै,
3“आओ, हम उनके बन्धनां नै तोड़ द्या,
अर उनकी रस्सियाँ नै अपणे उप्पर तै उतार फेक्कां।”
4वो जो सुर्ग म्ह बैठ्या सै, हास्सैगा,
प्रभु उनका मजाक उड़ावैगा।
5फेर वो उनतै छो म्ह बात करैगा,
अर छो म्ह आकै यो कहकै उननै डरा देवैगा,
6“मन्नै तो अपणा चुण्या होया राजा
अपणे पवित्र पर्वत सिय्योन#2:6 सिय्योन सिय्योन का पर्वत जिसनै यरुशलेम नगर कह्या जावै था, जड़ै राजा सुलैमान नै मन्दर बणवाया था। की राजगद्दी पै बिठा दिया सै।”
7मै उस वचन का प्रचार करुँगा,
जो यहोवा नै मेरै तै कह्या, “तू मेरा बेट्टा सै,
आज ए मन्नै तेरे ताहीं जन्माया सै।
8मेरै तै माँग, अर मै जात्ति-जात्ति के माणसां नै तेरी सम्पत्ति होण खात्तर,
अर दूर-दूर के देशां नै तेरी अपणी धरती बणण खात्तर दे दियुँगा।
9तू उननै लोहे के डण्डे तै टुकड़े-टुकड़े करैगा।
तू कुम्हार के बरतन की तरियां उननै चकणाचूर कर देवैगा।”
10इस करकै इब, हे राजाओं, अकलमंद बणो;
हे धरती पै राज करण आळेयो, सावधान हो जाओ।
11डरदे होए यहोवा की भक्ति करो,
अर काँम्बदे होए मगन होओ।
12बेट्टे तै प्यार करो, इसा ना हो के वो छो म्ह आवै,
अर थम राह म्ह ए नाश हो जाओ;
क्यूँके पलभर म्ह ए उसका छो भड़कण आळा सै।
धन्य सै वे जो उस म्ह शरण लेवै सै।
Currently Selected:
भजन संहिता 2: BGC
Highlight
Copy
Compare
Share
Want to have your highlights saved across all your devices? Sign up or sign in
Haryanvi Bible (हरियाणवी), by Beyond Translation is licensed under Creative Commons Attribution-ShareAlike 4.0 License.