भजन संहिता 2:8
भजन संहिता 2:8 BGC
मेरै तै माँग, अर मै जात्ति-जात्ति के माणसां नै तेरी सम्पत्ति होण खात्तर, अर दूर-दूर के देशां नै तेरी अपणी धरती बणण खात्तर दे दियुँगा।
मेरै तै माँग, अर मै जात्ति-जात्ति के माणसां नै तेरी सम्पत्ति होण खात्तर, अर दूर-दूर के देशां नै तेरी अपणी धरती बणण खात्तर दे दियुँगा।