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भजन संहिता 143

143
मार्गदर्शन अर उद्धार खात्तर प्रार्थना
दाऊद का भजन
1हे यहोवा मेरी प्रार्थना सुण;
मेरे गिड़गिड़ाणे की ओड़ कान लगा!
तू जो सच्‍च्‍चा अर धर्मी सै, इस करकै मेरी सुण ले,
2अर अपणे दास पै मुकद्दमा ना चला!
क्यूँके कोए जीव तेरी नजर म्ह बेकसूर न्ही ठहर सकदा।
3दुश्मन तो मेरी जान का गाहक होया सै;
उसनै मेरे ताहीं चूर करकै माट्टी म्ह मिलाया सै,
अर मेरे ताहीं घणे दिन के मरे होये की तरियां अँधेरी जगहां म्ह गेर दिया सै।
4मेरी आत्मा मेरे भित्तर तै बेचैन होरी सै
मेरा मन व्याकुल सै।
5मेरे ताहीं पुराणे दिन याद आवै सै,
मै तेरे सारे बेमिसाल काम्मां पै ध्यान करुँ सूं,
अर तेरे हाथ्थां के काम्मां नै याद करुँ सूं।
6मै तेरी ओड़ अपणे हाथ फैलाऊं सूं;
सूक्खी धरती की तरियां मै तेरा प्यासा सूं।
7हे यहोवा, तावळ करकै मेरी सुण ले; (सेला)
क्यूँके मेरी जान लिकड़ण आळी सै!
मेरे तै अपणा मुँह ना छिपा, इसा ना हो के मै कब्र म्ह पड़े होया कै बरगा ना हो जाऊँ।
8सबेरै कै बखत अपणी करुणा की बात मन्‍नै सुणा,
क्यूँके मन्‍नै तेरे पै भरोस्सा राख्या सै।
जिस रास्ते पै मन्‍नै चालणा सै, वो मन्‍नै बता दे,
क्यूँके मै अपणा मन तेरी ओड़ लगाऊँ सूं।
9हे यहोवा, मन्‍नै दुश्मनां तै बचाले;
मै तेरी ए आड़ म्ह आ छिप्या सूं।
10मन्‍नै या सिखा, के मै तेरी इच्छा किस तरियां पूरी करुँ, क्यूँके मेरा परमेसवर तू ए सै!
तेरी भली आत्मा मन्‍नै धर्म कै राह म्ह ले चाल्‍लै!
11हे यहोवा, मन्‍नै अपणे नाम कै मुताबिक चला!
तू जो धर्मी सै, मन्‍नै मुसीबत तै छुड़ाले!
12अर करुणा करकै मेरे दुश्मनां का सत्यानाश कर,
अर मेरे सारे सताण आळे का नाश करदे,
क्यूँके मै तेरा दास सूं।

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