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एज्रा 4

4
दुश्मनां कै जरिये मन्दर के बणण म्ह रुकावट
1जिब यहूदा अर बिन्‍यामीन के दुश्मनां नै न्यू सुण्या के गुलाम्मी तै छूट्टे होए माणस इस्राएल के परमेसवर यहोवा कै खात्तर भवन बणाण लागरे सैं, 2फेर वे जरुब्बाबेल अर पूर्वजां के घरान्‍ने के खास-खास माणसां कै गैल आकै उनतै कहण लाग्गे, “हमनै भी अपणे गैल बणाण द्यो; क्यूँके थारे बराबर हम भी थारे परमेसवर की खोज म्ह लाग्गे होए सां, अर अश्शूर का राजा एसर्हद्दोन जिसनै म्हारै ताहीं उरै पोहचाया, उसके दिनां तै हम उसे नै बलि भी चढ़ावां सां#4:2 बिरोधियाँ का दावा सै के उन ताहीं अश्शूर के राजा एसर्हद्दोन के दिनां म्ह ओड़ै ल्याया गया था। उसनै 681 तै 669 ई. पू. तक शासन करया। अर सीरिया, फिलिस्तीन अर मिस्र म्ह कई सैन्य अभियान चलाए। एक कुछ बखत बाद दस्तावेज के अनुसार, उसनै पूर्व के माणसां ताहीं सीदोन म्ह बसाया था।” 3पर जरुब्बाबेल, येशुअ अर इस्राएल के पितरां के घरान्यां के खास माणसां नै उनतै कह्या, “म्हारे परमेसवर कै खात्तर भवन बणाण म्ह, हमनै थारी मदद कोनी चाहिए; हमे आप्पस म्ह मिलकै फारस के राजा कुस्रू के हुकम कै मुताबिक इस्राएल के परमेसवर यहोवा कै खात्तर भवन बणावैगें।”
4फेर उस देश के माणस यहूदियाँ नै निराश करण अर उननै डरा कै भवन बणाण म्ह रुकावट करण लाग्गे। 5अर फारस के राजा कुस्रू के जीवन भर बलके फारस के राजा दारा के राज कै बखत तक उनके मनोरथ नै निष्फल करण खात्तर वकीलां तै रिसवत का रपिये देन्दे रहे#4:5 फारस के राजा दारा नै 521 तै 486 ई. पू. तक राज करया। क्षयर्ष अर कैंबेसिस के शासनकाल के बाद।6क्षयर्ष के राज के शरुआती दिनां म्ह उननै यहूदा अर यरुशलेम के निवासियां का दोषपत्र उन ताहीं लिख भेज्या#4:6 राजा क्षयर्ष प्रथम नै दारा प्रथम कै बाद 486 तै 465 ई. पू. तक शासन करया। यूनान म्ह उसका नाम ज़ेरक्सेस सै। उनके शासनकाल की शरुआत म्ह दिसम्बर 486 तै अप्रैल 485 तक राजा के रूप म्ह उसके पैहले साल के दौरान के बखत का जिक्र सै। फारसी साल 21 मार्च के लोवै-धोवै बसंत विषुव कै गैल शरु होवै सै।
7फेर अर्तक्षत्र के दिनां म्ह बिशलाम, मिथ्रदात अर ताबेल नै अर उसके मददगारां नै फारस के राजा अर्तक्षत्र तै चिट्ठी लिक्खी, अर चिट्ठी अरामी अक्षरां अर अरामी भाषा म्ह लिक्खी गई। 8यानिके रहूम राजमंत्री अर शिमशै मंत्री#4:8 राज्य के सचिव नै यरुशलेम कै खिलाफ राजा अर्तक्षत्र नै इस आशय की चिट्ठी लिक्खी। 9उस बखत रहूम राजमंत्री अर शिमशै सचिव अर उनके और मददगारां नै, यानिके दीनी, अपर्सतकी, तर्पली, अफ़ारसी, एरेकी, बाबेली, शूशनी, देहवी, एलामी, 10और जात्तां नै जिन ताहीं महान अर प्रधान ओस्‍नप्पर नै पार ल्याकै सामरिया नगर म्ह अर फरात नदी कै इस पार के बचे होए देश म्ह बसाया था, एक चिट्ठी लिक्खी। 11जो चिट्ठी उननै अर्तक्षत्र राजा तै लिक्खी, उसकी या नकल सै “राजा अर्तक्षत्र की सेवा म्ह तेरे दास जो फरात नदी के पार के माणस सैं, तन्‍नै शुभकामना भेज्जै सैं। 12राजा नै या जानकारी हो, के जो यहूदी तेरै धोरै तै चले आए, वे म्हारै धोरै यरुशलेम म्ह पोहचे सैं। वे उस दंगैत अर घिनोणे नगर नै बसाण लागरे सैं; बल्कि उसकी शहरपनाह नै खड़ी कर चुके सैं अर उसकी नींव नै जोड़ चुके सैं। 13इब राजा नै जानकारी हो के जै वो नगर बस ग्या अर उसकी शहरपनाह बणगी, फेर तो वे माणस कर, चुंगी अर राहदारी ना देवैंगे, अर अन्त म्ह राजा का नुकसान होवैगा। 14हम तो राजभवन का नूण खावां सां अर आच्छा न्ही के राजा का अनादर म्हारे देखदे हो, इस करकै हम या चिट्ठी भेजकै राजा नै चिता देवां सां। 15तेरे पुरखा के इतिहास की किताब म्ह खोज करी जावै; फेर इतिहास की किताब म्ह तू यो पाकै जाण लेगा के वो नगर बलवा करण आळा अर राजा अर प्रान्तां का नुकसान करण आळा सै, अर पुराणे बखत तै उस म्ह बलवा होंदा आया सै। इस करकै वो नगर नाश भी करया गया था। 16हम राजा नै अगाहा कर देवां सां के जै वो नगर बसाया जावै अर उसकी शहरपनाह बण चुके, फेर इसके कारण फरात नदी के इस पार तेरा कोए हिस्सा ना रहवैगा।”
17फेर राजा नै रहूम राजमंत्री अर शिमशै मंत्री अर सामरिया अर फरात नदी के इस पार रहणआळे उनके और मददगारां कै धोरै यो उत्तर भेज्या, “कुशल, हो! 18जो चिट्ठी थमनै म्हारे धोरै भेज्जी वो मेरै स्याम्ही पढ़कै साफ-साफ सुणाई गई। 19अर मेरे हुकम तै टोह्या जाण पै जाण पड़या सै, के वो नगर पुराणे बखत तै राजायां कै खिलाफ सिर उठान्दा आया सै अर उस म्ह दंगा अर बलवा होंदा आया सै। 20यरुशलेम के सामर्थी राजा भी होए जो फरात नदी के पार तै सारे देश पै राज करैं थे, अर कर, चुंगी अर राहदारी उन ताहीं दी जावै थी। 21इस करकै इब इस हुकम का प्रचार करकै वे माणस रोक्‍के जावैं अर जिब ताहीं मेरी और तै हुकम ना मिलै, तब ताहीं वो नगर बणाया ना जावै। 22अर चौक्‍कस रहो, इस बात म्ह ढील्‍ले न्ही होणा; राजयां के नुकसान करण आळी वो बुराई क्यूँ बढ़ण पावै?”
23जिब राजा अर्तक्षत्र की यो चिट्ठी रहूम अर शिमशै मंत्री अर उनके सहयोगियां तै पढ़कै सुणाई गई, फेर वे तावळ करकै यरुशलेम नै यहूदियाँ कै धोरै गए अर जोर तै उन ताहीं रोक दिया। 24फेर परमेसवर के भवन का काम जो यरुशलेम म्ह सै, रुक ग्या; अर फारस के राजा दारा के राज के दुसरे साल तक रुक्या रह्या।

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