स्तोत्र 36:6
स्तोत्र 36:6 HCV
आपकी धार्मिकता विशाल पर्वत समान, तथा आपकी सच्चाई अथाह महासागर तुल्य है. यहोवाह, आप ही मनुष्य एवं पशु, दोनों के परिरक्षक हैं.
आपकी धार्मिकता विशाल पर्वत समान, तथा आपकी सच्चाई अथाह महासागर तुल्य है. यहोवाह, आप ही मनुष्य एवं पशु, दोनों के परिरक्षक हैं.