YouVersion Logo
Search Icon

यशायाह 54

54
येरूशलेम के भविष्य की महिमा
1“यह यहोवाह की वाणी है,
बांझ, आप, जो संतान पैदा करने में असमर्थ हैं, आनंदित होइए.
आप, जो प्रसव पीड़ा से अनजान हैं,
जय जयकार करिये,
क्योंकि त्यागी हुई की संतानें,
सुहागन की संतानों से अधिक हैं.”
2“अपने तंबू के पर्दों को फैला दीजिए,
इसमें हाथ मत रोकिए;
अपनी डोरियों को लंबा करिये,
अपनी खूंटियों को दृढ़ करिये.
3क्योंकि अब आप दाएं तथा बाएं दोनों ही ओर को बढ़ाएंगी;
आपके वंश अनेक देशों के अधिकारी होंगे
और उजड़े हुए नगर को फिर से बसाएंगे.
4“मत डरिये; क्योंकि आपको लज्जित नहीं होना पड़ेगा.
मत घबराइए; क्योंकि आप फिर लज्जित नहीं होंगी.
आप अपनी जवानी की लज्जा को भूल जाएंगी
और अपने विधवापन की बदनामी को फिर याद न रखेंगी.
5क्योंकि आपको रचनेवाले आपके पति हैं—
जिनका नाम है त्सबाओथ#54:5 त्सबाओथ अर्थात्, सेना के यहोवाह—
तथा इस्राएल के पवित्र परमेश्वर आपके छुड़ाने वाले हैं;
जिन्हें समस्त पृथ्वी पर परमेश्वर नाम से जाना जाता है.
6क्योंकि यहोवाह ने आपको बुलाया है
आपकी स्थिति उन पत्नी के समान थी—
जिन्हें छोड़ दिया गया हो,
और जिनका मन दुःखी था,” आपके परमेश्वर का यही वचन है.
7“कुछ पल के लिए ही मैंने आपको छोड़ा था,
परंतु अब बड़ी दया करके मैं फिर आपको रख लूंगा.
8कुछ ही क्षणों के लिए
क्रोध में आकर आपसे मैंने अपना मुंह छिपा लिया था,
परंतु अब अनंत करुणा और प्रेम के साथ
मैं आप पर दया करूंगा,”
आपके छुड़ाने वाले यहोवाह का यही वचन है.
9“क्योंकि मेरी दृष्‍टि में तो यह सब नोहा के समय जैसा है,
जब मैंने यह शपथ ली थी कि नोहा के समय हुआ जैसा जलप्रलय अब मैं पृथ्वी पर कभी न करूंगा.
अतः अब मेरी यह शपथ है कि मैं फिर कभी आप पर क्रोध नहीं करूंगा,
न ही आपको कभी डांटूंगा.
10चाहे पहाड़ हट जाएं
और पहाड़ियां टल जायें,
तो भी मेरा प्रेम कभी भी आप पर से न हटेगा
तथा शांति की मेरी वाचा कभी न टलेगी,”
यह करुणामय यहोवाह का वचन है.
11“हे दुखियारी, आप जो आंधी से सताई गई हैं और जिन्हें शांति नहीं मिली,
अब मैं आपके कलश को अमूल्य पत्थरों से जड़ दूंगा,
तथा आपकी नीवों को नीलमणि से बनाऊंगा.
12और मैं आपके शिखरों को मूंगों से,
तथा आपके प्रवेश द्वारों को स्फटिक से निर्मित करूंगा.
13वे यहोवाह द्वारा सिखाए हुए होंगे,
और उन्हें बड़ी शांति मिलेगी.
14आप धार्मिकता के द्वारा स्थिर रहेंगी.
अत्याचार आपसे दूर रहेगा, आपको डरने की आवश्यकता नहीं.
आतंक दूर रहेगा,
और आपके पास नहीं आएगा.
15यदि कोई आप पर हमला करे, तो याद रखिये वह मेरी ओर से न होगा;
और वह आपके द्वारा हराया जाएगा.
16“देख, मैंने ही लोहार को बनाया है,
जो अंगारों पर फूंक मारता है,
और अपनी कारीगरी के लिए एक हथियार बनाता है.
और मैंने ही नाश करने वाले को
विनाश करने के लिए बनाया है.
17कोई भी हथियार ऐसा नहीं बनाया गया,
जो आपको नुकसान पहुंचा सके,
आप उन व्यक्ति को,
जो आप पर आरोप लगाते है, दंड देंगे.
यहोवाह के सेवकों का भाग यही है,
तथा उनकी धार्मिकता मेरी ओर से है,”
यहोवाह ही का यह वचन है.

Currently Selected:

यशायाह 54: HCV

Highlight

Share

Compare

Copy

None

Want to have your highlights saved across all your devices? Sign up or sign in