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ज़बूर 96:4
किताब-ए मुक़द्दस
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क्योंकि रब अज़ीम और सताइश के बहुत लायक़ है। वह तमाम माबूदों से महीब है।
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ज़बूर 96:2
रब की तमजीद में गीत गाओ, उसके नाम की सताइश करो, रोज़ बरोज़ उस की नजात की ख़ुशख़बरी सुनाओ।
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ज़बूर 96:1
रब की तमजीद में नया गीत गाओ, ऐ पूरी दुनिया, रब की मद्हसराई करो।
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ज़बूर 96:3
क़ौमों में उसका जलाल और तमाम उम्मतों में उसके अजायब बयान करो।
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ज़बूर 96:9
मुक़द्दस लिबास से आरास्ता होकर रब को सिजदा करो। पूरी दुनिया उसके सामने लरज़ उठे।
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