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ज़बूर 92:12-13
किताब-ए मुक़द्दस
DGV
रास्तबाज़ खजूर के दरख़्त की तरह फले-फूलेगा, वह लुबनान के देवदार के दरख़्त की तरह बढ़ेगा। जो पौदे रब की सुकूनतगाह में लगाए गए हैं वह हमारे ख़ुदा की बारगाहों में फलें-फूलेंगे।
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ज़बूर 92:14-15
वह बुढ़ापे में भी फल लाएँगे और तरो-ताज़ा और हरे-भरे रहेंगे। उस वक़्त भी वह एलान करेंगे, “रब रास्त है। वह मेरी चटान है, और उसमें नारास्ती नहीं होती।”
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