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ज़बूर 33:20
किताब-ए मुक़द्दस
DGV
हमारी जान रब के इंतज़ार में है। वही हमारा सहारा, हमारी ढाल है।
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ज़बूर 33:18-19
यक़ीनन रब की आँख उन पर लगी रहती है जो उसका ख़ौफ़ मानते और उस की मेहरबानी के इंतज़ार में रहते हैं, कि वह उनकी जान मौत से बचाए और काल में महफ़ूज़ रखे।
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