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ज़बूर 145:18
किताब-ए मुक़द्दस
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रब उन सबके क़रीब है जो उसे पुकारते हैं, जो दियानतदारी से उसे पुकारते हैं।
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ज़बूर 145:8
रब मेहरबान और रहीम है। वह तहम्मुल और शफ़क़त से भरपूर है।
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ज़बूर 145:9
रब सबके साथ भलाई करता है, वह अपनी तमाम मख़लूक़ात पर रहम करता है।
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ज़बूर 145:3
रब अज़ीम और बड़ी तारीफ़ के लायक़ है। उस की अज़मत इनसान की समझ से बाहर है।
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ज़बूर 145:13
तेरी बादशाही की कोई इंतहा नहीं, और तेरी सलतनत पुश्त-दर-पुश्त हमेशा तक क़ायम रहेगी।
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