1
ज़बूर 121:1-2
किताब-ए मुक़द्दस
DGV
ज़ियारत का गीत। मैं अपनी आँखों को पहाड़ों की तरफ़ उठाता हूँ। मेरी मदद कहाँ से आती है? मेरी मदद रब से आती है, जो आसमानो-ज़मीन का ख़ालिक़ है।
Compare
Explore ज़बूर 121:1-2
2
ज़बूर 121:7-8
रब तुझे हर नुक़सान से बचाएगा, वह तेरी जान को महफ़ूज़ रखेगा। रब अब से अबद तक तेरे आने जाने की पहरादारी करेगा।
Explore ज़बूर 121:7-8
3
ज़बूर 121:3
वह तेरा पाँव फिसलने नहीं देगा। तेरा मुहाफ़िज़ ऊँघने का नहीं।
Explore ज़बूर 121:3