YouVersion Logo
Search Icon

ज़बूर 121:1-2

ज़बूर 121:1-2 DGV

ज़ियारत का गीत। मैं अपनी आँखों को पहाड़ों की तरफ़ उठाता हूँ। मेरी मदद कहाँ से आती है? मेरी मदद रब से आती है, जो आसमानो-ज़मीन का ख़ालिक़ है।

Verse Images for ज़बूर 121:1-2

ज़बूर 121:1-2 - ज़ियारत का गीत।
मैं अपनी आँखों को पहाड़ों की तरफ़ उठाता हूँ। मेरी मदद कहाँ से आती है?
मेरी मदद रब से आती है, जो आसमानो-ज़मीन का ख़ालिक़ है।ज़बूर 121:1-2 - ज़ियारत का गीत।
मैं अपनी आँखों को पहाड़ों की तरफ़ उठाता हूँ। मेरी मदद कहाँ से आती है?
मेरी मदद रब से आती है, जो आसमानो-ज़मीन का ख़ालिक़ है।ज़बूर 121:1-2 - ज़ियारत का गीत।
मैं अपनी आँखों को पहाड़ों की तरफ़ उठाता हूँ। मेरी मदद कहाँ से आती है?
मेरी मदद रब से आती है, जो आसमानो-ज़मीन का ख़ालिक़ है।ज़बूर 121:1-2 - ज़ियारत का गीत।
मैं अपनी आँखों को पहाड़ों की तरफ़ उठाता हूँ। मेरी मदद कहाँ से आती है?
मेरी मदद रब से आती है, जो आसमानो-ज़मीन का ख़ालिक़ है।ज़बूर 121:1-2 - ज़ियारत का गीत।
मैं अपनी आँखों को पहाड़ों की तरफ़ उठाता हूँ। मेरी मदद कहाँ से आती है?
मेरी मदद रब से आती है, जो आसमानो-ज़मीन का ख़ालिक़ है।ज़बूर 121:1-2 - ज़ियारत का गीत।
मैं अपनी आँखों को पहाड़ों की तरफ़ उठाता हूँ। मेरी मदद कहाँ से आती है?
मेरी मदद रब से आती है, जो आसमानो-ज़मीन का ख़ालिक़ है।

Free Reading Plans and Devotionals related to ज़बूर 121:1-2