मेरे बेटे, मेरी बात क़बूल करके मेरे अहकाम अपने दिल में महफ़ूज़ रख। अपना कान हिकमत पर धर, अपना दिल समझ की तरफ़ मायल कर। बसीरत के लिए आवाज़ दे, चिल्लाकर समझ माँग। उसे यों तलाश कर गोया चाँदी हो, उसका यों खोज लगा गोया पोशीदा ख़ज़ाना हो। अगर तू ऐसा करे तो तुझे रब के ख़ौफ़ की समझ आएगी और अल्लाह का इरफ़ान हासिल होगा।