उस की तमजीद हो जो आपको ठोकर खाने से महफ़ूज़ रख सकता है और आपको अपने जलाल के सामने बेदाग़ और बड़ी ख़ुशी से मामूर करके खड़ा कर सकता है। उस वाहिद ख़ुदा यानी हमारे नजातदहिंदा का जलाल हो। हाँ, हमारे ख़ुदावंद ईसा मसीह के वसीले से उसे जलाल, अज़मत, क़ुदरत और इख़्तियार अज़ल से अब भी हो और अबद तक रहे। आमीन।