कैसेकै जो बात मैंनै तुमकै सिकांई हैं। बे मैंकै परभु सै मिली हैं। जिस रात परभु ईसु कै पकड़बाओ गओ, बानै बा रात रोटी लई, और धन्नबाद की पिराथना करकै रोटी को टुकड़ा तोड़ो, और कैई, “जौ मेरो सरीर है, जो तुमरे ताँई है, तुम मैंकै याद कन्नै के ताँई जौई करे करौ।”