संसार और संसारके चीजके प्रेम मत् करओ। कोइ संसारके चीजसे प्रेम करैगो कहेसे बो, दौवा परमेश्वरके प्रेम नाए करत हए। संसारमे भए चीज शरीरको खराब इच्छा, आँखीसे देखन बारी चीज चाहनो और जो करत हए बोमे घमण्ड करनो, बो दौवा परमेश्वरसे नाए आओ हए। जे त संसारके चीज हएं।