पर मोरिक कहे खोज्लक का हो कलेसे यदि कौनो एकथो विश्वासी संघरिया अपनहे विश्वासी हुइतुँ कहिके कहत। पर ऊ जात्तिकमे भर व्यभिचारी, लाल्ची और मदुवा बा, निन्दा करत, मनैनहे धोखा देहत, और मूर्तिपुजा करत कलेसे ओकर संगत ना करहो। और यहाँसम कि उ मनैयक संग ते तुहुरे संगे बैठ्के खाना फेन ना खैहो।