तुवे मैहणु एकि गलैरा ख्याल रखा कि तुवाड़ा चाल-चलन मसीहरी खुशखबरिरै लायक भुईया। ऐहीं-चारै चाहै आंउ तुहां किनि अईछी मिलूं, चाहै तुहां किना दूर बेशि करि तुवाड़ै बारै मझ शुणु, कि तुवे अक मंन भौ-करि विश्वासा मझ पक्कै अत्तै, जां अकजुट भौ करि खुशखबरिरै विश्वासेरै तेईनी मैहनत कातै रींहथै।