हम प्राथना करित हएन, कि परमातिमा अपने महिमा के धन के मुताबिक, तोंहईं पंचन काहीं इआ बरदान देंय, कि तूँ पंचे उनखे पबित्र आत्मा से सामर्थ पाइके, अपने अन्दर के सुभाव माहीं मजबूत होत जा। अउर बिसुआस के द्वारा मसीह तोंहरे हिरदँय माहीं निबास करँय, जउने तूँ पंचे मसीह के प्रेम माहीं नेव के समान सुरुआत कइके, जड़ कि नाईं प्रेम माहीं मजबूत होइजा। जउने तूँ पंचे सगले पबित्र मनइन के साथ निकहा से इआ समझँइ के सक्ती पाबा; कि मसीह के प्रेम के लम्बाई, चउँड़ाई, उँचाई, अउर गहराई केतनी हय। अउर मसीह के उआ प्रेम काहीं जान सका, जउन मनइन के हरेकमेर के ग्यान से नहीं जाना जाय सकय, जउने तूँ पंचे परमातिमा के सगली भरपूरी से भरपूर होइजा।