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भज़न 87:7
बाघली सराज़ी बोली दी पबित्र शास्त्र
OSJ
तिंयां बी लागणै सोभै नाच़दै-गांदै अर इहअ बोल्दै, “म्हारी ज़िन्दगीओ मूल़ बी आसा एरुशलेम नगरी।”
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भज़न 87:1
बिधाता च़िणीं आपणीं नगरी पबित्र धारा प्रैंदै
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