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भज़न 49:20
बाघली सराज़ी बोली दी पबित्र शास्त्र
OSJ
मणछ च़ाऐ ज़िहअ बी मशूर होए, सह निं मरनै का बच़ी सकदअ, हाम्हैं मरनै सोभै तिहै ई ज़िहै पशू मरा।
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भज़न 49:15
पर परमेशरा हेरनअ हुंह बच़ाऊई, तेऊ हेरनअ हुंह मौते ज़ोरा का छ़ड़ैऊई।
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भज़न 49:16-17
होरी सेठ हंदै भाल़ी निं आपणअ शाह चोल़णअ कि इने धन-माया भाल़ केही खास्सी हुई। तिंयां जाणैं तेतरी मरी अर तिन्नें शोभा-शान छ़ुटणीं इधी!
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