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भज़न 131:2
बाघली सराज़ी बोली दी पबित्र शास्त्र
OSJ
पर हुंह रहा ऐबै शांत अर च़ुप्पी, ज़िहअ च़ूई चल़ाऊअ द लान्हअ आपणीं ईजे बाह दी च़ुप्पी रहा, तिहअ आसा ऐबै मेरअ दिल हुअ द।
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भज़न 131:1
हे बिधाता, मंऐं हेरअ आपणअ घमंड छ़ाडी, ऐबै निं हुंह शरेरअ रहअ। ज़ुंण गल्ला मेरै भलै हई निं सकदी, तेथ बाखा निं हुंह ऐबै धैन दैंदअ।
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