बिधाता सेटा करा अरज़, “एरुशलेम नगरी लोल़ी मेल़-ज़ोल़ रहअ,
हे बिधाता, ज़ुंण ताल्है झ़ूरा तिंयां लोल़ी राज्ज़ी-राम्बल़ै रहै।
नगरीए उछ़टी-उछ़टी दुआली भितरी लोल़ी मेल़-ज़ोल़ रहअ,
अर तेरै मैहलै लोल़ी सोभै राज्ज़ी-राम्बल़ै रहै।”
आपणैं साथी-भाई अर नातै रिश्तैदारा लै बी करा हुंह बिधाता का अरज़,
“तम्हां सोभी लै लोल़ी मेल़-ज़ोल़ हुअ।”