1
भज़न 113:3
बाघली सराज़ी बोली दी पबित्र शास्त्र
OSJ
पुर्बा ओर्ही पछ़मा तैणीं करा सोभै बिधाते नाओंए ज़ै-ज़ैकार।
Compare
Explore भज़न 113:3
2
भज़न 113:9
ज़हा बेटल़ीओ हुअ-ज़ाअ निं आथी, तैहा लै दैआ सह लुआद अर तैहा भेटा खुशी। बिधाते करा ज़ोरै-ज़ोरै ज़ै-ज़ैकार।
Explore भज़न 113:9
3
भज़न 113:7
सह झ़ैऊआ रैनै-गरीबा माट्टै अर छ़ारे रूल़ी जैंदरा का उझै
Explore भज़न 113:7