1
लामण 1:1
बाघली सराज़ी बोली दी पबित्र शास्त्र
OSJ
एरुशलेम नगरी भाल़ केही शुन्नीं आसा पल़ी दी ज़ुंण कोई धैल़ै मणछा करै भरी हआ ती! कोई धैल़ै ती सह संसारै महान, पर ऐबै आसा सह बिधबा ज़ेही, एकी ज़मानै ती सह सोभी नगरी मांझ़ै राज़े देई ज़ेही, पर ऐबै आसा सह गलामी दी पल़ी दी।
Compare
Explore लामण 1:1
2
लामण 1:2
सह हआ सारी-सारी राची लेरा लांदी लागी दी, तेसे थोथरा बाती हआ आशूए ट्रिहुंणीं लागी दी। तेसे तै खास्सै लोभी, पर तिन्नां मांझ़ै निं एक बी तैहा झेठू आअ! तेसे साथी-संघी दैनअ तैहा लै धोखअ अर हुऐ सोभ तेसे दुशमण।
Explore लामण 1:2
3
लामण 1:20
बिधाता, मेरी खरी भाल़! मेरी शुक्की आंजा बी पठी! हुंह चुटी भितरा का पठी, किल्हैकि मंऐं किअ ताल्है द्रोह! घअरा बागै लाऐ मेरै लोग तलबारा करै काटी-मारी अर भितरी आसा मौत!
Explore लामण 1:20