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आयूब 28:28
बाघली सराज़ी बोली दी पबित्र शास्त्र
OSJ
स्वर्गे सारी सैनो मालक बोला हाम्हां मणछा लै इहअ, ‘मुंह परमेशरे डरा हेठै रहणअ ई आसा अक्ल, बूराई का दूर रहणअ ई आसा समझ़।’”
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आयूब 28:12-13
अक्ल किधा का सका भेटी? हाम्हैं किधा का सका शिखल़ी अर समझ़ी। अक्ल निं एऊ संसारै हाम्हां मणछा जैंदरी भेटदी नां कहा का तेते असली किम्मत थोघ आथी।
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आयूब 28:20-21
तै अक्लीओ मूल़ किधी आसा? तेता हाम्हैं किधा का सका समझ़ी अर शिखल़ी? तेता निं कोहै ज़िऊंदअ ज़ीब भाल़ी सकदअ, सरगै डेऊणैं आल़ै च़ेल्लू-पखीरू बी निं तेता भाल़ी सकदै।
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