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आयूब 27:3-4
बाघली सराज़ी बोली दी पबित्र शास्त्र
OSJ
ज़ेभै तैणीं मुंह दी परमेशरो शाह रहे, मुंह रहणअ तेभै तैणीं आपणीं ज़िभा अर खाखा का शुची गल्ला खोज़दै लागी।
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आयूब 27:6
मुखा आसा थोघ कि हुंह आसा शुचअ अर हुंह निं छ़ाड़ छ़ाडदअ किल्हैकि मेरै मन्नैं निं किछ़ै खोट आथी।
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