“ज़ै केभै आजू थारी आद-लुआद इहअ पुछ़े, ‘हाम्हैं एऊ थैरा किल्है मनाऊंआं?’
“तेभै खोज़ै तम्हैं तिन्नां का इहअ, ‘खास्सी साला पैहलै ज़धू हाम्हैं मिसर देशे गलामी दी थिऐ, तधू दैनी बिधाता सारै मिसर देशै हांढ, तेऊ पाऐ तै सारै मिसर देशे लोगे हर घअरै ज़ेठै शोहरू मारी, पर म्हारै शोहरू-माठै लै निं तेऊ किछ़ हान्नी दैनी हणैं। तधा ओर्ही मनाऊंआं हाम्हैं हर साल मिम्मूंए बल़ी करी बिधाता लै ऊवार्णैओ थैर।’”
ज़ांऊं मोसा इना गल्ला खोज़ी-बोली मुक्कअ, तेखअ टेक्कअ सोभी इज़राईली मणछै बिधाता सेटा माथअ।