ज़ांऊं नर्शिंगची अर होर गाज़ै-बाज़ै आल़ै एकी ताला दी बाज़ी बिधातो शूकर अर ज़ै-ज़ैकार किई, घैरी बोली नर्शिंगै, छ़छ़ाल़ा अर होरी साज़ बाज़ा संघै गिह। तिन्नैं किई एही गिह बोली बिधाते स्तोती,
“बिधाता आसा भलअ अर
सह झ़ूरा हाम्हां लै सदा।”
तेखअ घोर्हुऐ बिधाते भबना फेर हेरा-हेरी घणैं बादल़। तिन्नां बादल़ा करै निस्सअ बिधाते भबनै च़ाकरी करनै आल़ै प्रोहते खल़ै टेखुई किल्हैकि बिधाते भबनै लागअ बादल़ा जैंदरी लागअ धुप्पै ज़िहअ झ़ामण अर तेथ लागी बिज़ल़ी ज़ेही झ़प्प-तल़प्पी।