“पर उननै अर म्हारे पुरखां नै अभिमान करया, अर हठीले बणे अर तेरे हुकम न्ही मान्ने; अर हुकम मानण तै इन्कार करया, अर जो चमत्कार तन्नै उनकै बीच म्ह करे थे, उन ताहीं याद न्ही करया, बल्के हठ करकै उरै ताहीं बलवा करण आळे बणे, के एक प्रधान ठहराया, के अपणे गुलाम्मी की दशा म्ह बोहड़ै। पर तू माफ करण आळा अनुग्रहकारी अर दयालु, देरी तै छो करण आळा, अर घणा करुणामय परमेसवर सै, तन्नै उन ताहीं ना छोड्या।