फेर नहेम्याह जो अधिपति था, अर एज्रा जो याजक अर शास्त्री था, अर जो लेवीय माणसां नै समझा रहे थे, उननै सारे माणसां तै कह्या, “आज का दिन थारे परमेसवर यहोवा खात्तर पवित्र सै; ज्यांतै बिलाप ना करो अर ना रोओ।” क्यूँके सारे माणस नियम-कायदे के वचन सुणकै रोन्दे रहे।