फेर भी जै तू आप परमेसवर नै यत्न तै टोहन्दा,
अर सर्वशक्तिमान तै गिड़गिड़ाकै बिनती करदा,
अर जै तू निर्मल अर धर्मी रहन्दा,
तो जरुर वो तेरै खात्तर जागदा;
अर तेरी धार्मिकता का बसेरा फेर न्यू का न्यू कर देन्दा।
चाहे तेरा भाग पैहला छोट्टा ए रहया हो पर
आखरी म्ह तेरी भोत घणी बढ़ती होन्दी।”