उस बखत चाँदी का तार दो टुकड़े हो जावैगी अर सोन्ने का कटोरा टूट्टैगा; अर चोए कै धोरै घड़ा फुट्टैगा, अर कुण्ड के धोरै गिरड़ी टूट जावैगी, जिब माट्टी ज्यों की त्यों माट्टी म्ह मिल जावैगी, अर आत्मा परमेसवर कै धोरै जिसनै उस ताहीं भेज्या था वापस लौट जावैगी।