मै आज अकास अर धरती दोनुआ ताहीं थारै स्याम्ही इस बात की गवाही बणाऊँ सूं, के मन्नै जीवन अर मरण, आशीष अर श्राप ताहीं थारै आग्गै धरया सै; इस करकै तू जीवन नै ए अपणाले, के तू अर तेरी पीढ़ी दोन्नु जिन्दा रहवै; इस करकै अपणे परमेसवर यहोवा तै प्यार करो, अर उसकी बात मान्नो, अर उसतै लिपटे रहो; क्यूँके तेरा जीवन अर लाम्बी उम्र योए सै, अर इसा करण तै जिस देश ताहीं यहोवा नै अब्राहम, इसहाक, अर याकूब, यानिके तेरै पूर्वजां तै देण की कसम खाई थी उस देश म्ह तू बस्या रहवैगा।”