“च म्हुँइँसर ङ मिश्र तसि ह्याब्मुँ, धै मिश्रर्बै म्हि नेरो खेदोए ओंसों फिब्मैं सैवाब्मुँ, धै मिश्रर्बै ताँन् देवतामैंए बिरोधर ङइ निसाफ लब्मुँ। तलेबिस्याँ ङ याहवेह ग। क्हेमैं टिबै धिंजरे च को क्हेमैंए ल्हागिर चिनु तब्मुँ। ङइ च को म्रोंसि क्हेमैंलाइ तोइ आलल्ले पिवाब्मुँ, ङइ मिश्रीमैं नास लमा क्हेमैंए फिर तोइ दुःख तरिब् आरे।