पबित्र प्ल्हउँइँले कोइइ ज्ञान-बुद्धि मुँबै ताँ पोंबै भों योंइमुँ, कोइइ परमेश्वरए बारेर्बै छ्याँबै ताँमैं पोंबै भों योंइमुँ, कोइइ पबित्र प्ल्हउँइँलेन् परमेश्वरए फिर बिश्वास लबै सैं योंइमुँ, कोइइ नब छब्मैं सल् लबै बरदानमैं योंइमुँ, छलेन कोइइ औदिबै केमैं लब, कोइइ अगमबाणि पोंब, कोइइ पबित्र प्ल्हउँइँले खबै ताँ नेरो दुष्टउँइँले खबै ताँमैं फेलल् खाँब, कोइइ ल्हें खालर्बै क्युइ पोंल् ह्रब, कोइइ च क्युइमैं क्होबै बरदान योंइमुँ।