मैं अंत की बातें पहले से ही बताता आया हूं,
प्राचीन काल से जो अब तक पूरी नहीं हुई हैं.
मैं कहता हूं, मेरे संकल्प अटल है, और मैं अपनी इच्छा को निस्सन्देह पूरी करूंगा.
मैं पूर्व दिशा से उकाब को;
अर्थात् दूर देश से मेरी इच्छा पूरी करने वाले पुरुष को बुलाता हूं.
मैंने ही यह बात कही;
और यह पूरी होकर रहेगी.