1
याकूब 4:7
jivən səndesh
mai
तेँ अहाँ सभ परमेश्वरक अधीन होउ। शैतानक आक्रमण केँ सामना करिऔक तँ ओ अहाँ सभ लग सँ पड़ायत।
Compare
Explore याकूब 4:7
2
याकूब 4:8
परमेश्वरक लग मे आउ तँ ओहो अहाँ सभक लग मे आबि जयताह। यौ पापी लोक सभ, अपन हाथ शुद्ध करू। यौ दूमतिया लोक सभ, अपन हृदय पवित्र करू।
Explore याकूब 4:8
3
याकूब 4:10
प्रभुक समक्ष विनम्र बनू और ओ अहाँ सभ केँ सम्मानित करताह।
Explore याकूब 4:10
4
याकूब 4:6
नहि, ओ निरर्थक बात नहि अछि आ तेँ ओ प्रशस्त मात्रा मे कृपा कऽ कऽ अपना सभक सहायता करैत छथि। एहि कारणेँ धर्मशास्त्रक कथन अछि जे, “परमेश्वर घमण्डी सभक विरोध करैत छथि, मुदा नम्र लोक सभ पर कृपा करैत छथि।”
Explore याकूब 4:6
5
याकूब 4:17
एहि लेल, जे केओ ई जनैत अछि जे की कयनाइ उचित होइत मुदा करैत नहि अछि से पाप करैत अछि।
Explore याकूब 4:17
6
याकूब 4:3
और जखन अहाँ सभ मँगितो छी तखन एहि लेल नहि भेटैत अछि जे अहाँ सभ गलत उद्देश्य सँ मँगैत छी जे, जे किछु भेटत तकरा द्वारा भोग-विलासक अभिलाषा सभ केँ तृप्त करी।
Explore याकूब 4:3
7
याकूब 4:4
यौ बइमान लोक सभ, अहाँ सभ परमेश्वरक संग विश्वासघात कऽ रहल छी! की अहाँ सभ नहि जनैत छी जे संसार सँ दोस्ती कयनाइ परमेश्वर सँ दुश्मनी कयनाइ अछि? तेँ जे केओ संसारक दोस्त बनऽ चाहैत अछि से अपना केँ परमेश्वरक शत्रु बना लैत अछि।
Explore याकूब 4:4
8
याकूब 4:14
काल्हि की होयत से अहाँ सभ नहि जनैत छी। अहाँ सभक जीवन अछिए कतेक? अहाँ सभ मेघक धुइन छी जे कनेक काल देखाइ दैत अछि आ फेर लुप्त भऽ जाइत अछि।
Explore याकूब 4:14