जखन ओ बात अछि, तँ ओहि सँ कतेक बढ़ि कऽ मसीह, जे सनातन पवित्र आत्माक माध्यम सँ अपना केँ निष्कलंक बलिक रूप मे परमेश्वर केँ अर्पित कयलनि, तिनकर खून अपना सभक मोन केँ किएक नहि शुद्ध करत जाहि सँ मृत्यु मे लऽ जाय वला कर्म सभ सँ मुक्त भऽ कऽ अपना सभ जीवित परमेश्वरक सेवा करी!