जे पवित्र शिक्षा एकरा सभ केँ देल गेल छल, तकरा बुझि लेलाक बाद ओहि सँ मुँह मोड़ि लेब, ताहि सँ नीक एकरा सभक लेल ई रहैत जे एकरा सभ केँ धार्मिकताक बाटक ज्ञाने नहि प्राप्त भेल रहितैक। एहन लोकक विषय मे ई कहावत सत्य ठहरैत अछि जे, “कुकुर अपन बोकरल चटबाक लेल घूमि अबैत अछि” आ “नहाओल-सोन्हाओल सुगरनी घूमि कऽ फेर थाल मे ओँघराय लगैत अछि।”