एहि लेल पूरा-पूरा प्रयत्न करू जे अहाँ सभ अपना विश्वास मे सद्गुण केँ बढ़बैत चली, अपना सद्गुण मे ज्ञान केँ, अपना ज्ञान मे संयम केँ, अपना संयम मे धैर्य केँ, अपना धैर्य मे भक्ति केँ, अपना भक्ति मे भाय-बहिन वला स्नेह केँ, आ अपना भाय-बहिन वला स्नेह मे प्रेम केँ बढ़बैत चली।