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1 तिमुथियुस 2:5-6
jivən səndesh
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किएक तँ परमेश्वर एकेटा छथि और परमेश्वर आ मनुष्यक बीच मध्यस्थ सेहो एकेटा, अर्थात् मसीह यीशु, जे स्वयं मनुष्य छथि, और सभ मनुष्यक छुटकाराक मोल चुकयबाक लेल अपना केँ अर्पित कऽ देलनि। एहि तरहेँ मनुष्यक सम्बन्ध मे जे परमेश्वरक इच्छा छनि, ताहि केँ निश्चित कयल समय पर प्रमाणित कऽ देल गेल।
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1 तिमुथियुस 2:1-2
हम सभ सँ पहिने ई अनुरोध करैत छी जे, विनती, प्रार्थना, निवेदन आ धन्यवाद सभ मनुष्यक लेल परमेश्वर लग चढ़ाओल जाय, राजा लोकनि और आरो सभ अधिकारीक लेल सेहो, जाहि सँ अपना सभ भक्ति और मर्यादाक संग चैन आ शान्ति सँ जीवन व्यतीत कऽ सकी।
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1 तिमुथियुस 2:8-10
एहि लेल हम चाहैत छी जे सभ ठाम पुरुष सभ, क्रोध आ विवाद मे नहि पड़ि, अपन निर्दोष हाथ ऊपर उठा कऽ प्रार्थना करथि। तहिना स्त्रीगण सभ सेहो अपन ओढ़न-पहिरन वला बात मे मर्यादा आ शालीनताक ध्यान राखथि। अपन श्रृंगार केशक सजावट, सोना वा मोतीक गहना और दामी-दामी वस्त्र सँ नहि, बल्कि भलाइक काज सभ द्वारा करथि। ई बात ओहि स्त्रीगण सभ केँ शोभा दैत छनि जे सभ अपना केँ परमेश्वरक भक्तिनि कहैत छथि।
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